ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में परिवार पहुंचा हाईकोर्ट
राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। ट्विशा के परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम (PM-2) की मांग को लेकर हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है। परिजनों का कहना है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दोबारा पोस्टमार्टम जरूरी है। हालांकि जिला कोर्ट ने फिलहाल PM-2 की मांग पर राहत देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
23 मई को पेश होने के निर्देश
मामले में आरोपी पति समर्थ अभी भी फरार बताया जा रहा है। कोर्ट ने उसे 23 मई को पेश होने के निर्देश दिए हैं। ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष गिरिबाला सिंह ने कई जजों और अधिकारियों को फोन किए थे, जिससे मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने भी मामले को गंभीरता
इसी बीच मध्यप्रदेश शासन के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग के उप सचिव ने राज्य उपभोक्ता आयोग के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह के खिलाफ जांच रिपोर्ट मांगी है। पत्र में उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है, जिसमें पद से हटाने तक की प्रक्रिया शामिल हो सकती है। दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज होने के बाद विभाग ने जांच तेज कर दी है।
हर्षानंद गिरि का भी बयान सामने आया
मामले पर हर्षानंद गिरि का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा आज भी बेटियों की मौत का बड़ा कारण बन रही है। ट्विशा शर्मा, पलक रजक और दीपिका जैसे मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि दहेज का लालच रिश्तों को खत्म कर रहा है और समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।