सीएम डॉ मोहन यादव ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित की निःशुल्क ई-साइकिल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 मई को उज्जैन में महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क ई-साइकिलें बांटी। उन्होंने सीएसआर फंड के जरिये महिलाओं को 40 ई-साइकिलें दीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए संकल्पित है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद और वैभव प्राप्त करें। दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल से दाम बढ़ रहे हैं। आज महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क मिलीं ई-साइकिलें उन्हें शक्ति प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाली एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उज्जैन में सीएम डॉ मोहन यादव ने सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली इन कर्मियों को निःशुल्क ई-साइकिल वितरित कर उनके योगदान की सराहना की गई। इस अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करती हैं
कार्यक्रम में कहा गया कि एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा पोषण संबंधी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करती हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करती हैं।
बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है
ई-साइकिल वितरण का उद्देश्य इन कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है। ई-साइकिल मिलने से उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे वे कम समय में अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगी। साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली कार्यकर्ताओं को सम्मानित करते हुए उनके समर्पण, मेहनत और सेवा भावना की प्रशंसा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कोविड महामारी से लेकर नियमित स्वास्थ्य अभियानों तक, इन कार्यकर्ताओं ने हर चुनौती का सामना करते हुए समाज की सेवा की है।
अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगी
ई-साइकिल प्राप्त करने वाली कार्यकर्ताओं ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके दैनिक कार्यों को आसान बनाएगी और वे अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगी। उन्होंने सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
उज्जैन में आयोजित यह पहल न केवल कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाली है, बल्कि स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।