चारधाम यात्रा के चलते उत्तराखंड में ट्रैफिक जाम, 20 हजार से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे
वीकेंड, गर्मी की छुट्टियों और चारधाम यात्रा ने उत्तराखंड की ट्रैफिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। राज्य में पहुंचे 20 हजार से ज्यादा पर्यटक वाहनों के कारण हरिद्वार से बद्रीनाथ और रुद्रपुर से नैनीताल तक कई मार्गों पर जाम जैसे हालात बन गए। मसूरी, नैनीताल, कॉर्बेट, हरिद्वार और चारधाम यात्रा मार्गों पर घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए।
वाहनों की भारी भीड़
चारधाम यात्रा के साथ हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू होने और स्कूलों की छुट्टियां पड़ने के बाद पर्वतीय जिलों में वाहनों की भीड़ लगी हुई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई स्थानों पर लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। खराब सड़क, संकरी पहाड़ी मार्ग और बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है। पंजीकरण और प्रशासनिक आकलन और ट्रैफिक मूवमेंट के आधार पर अनुमान है कि सिर्फ चारधाम यात्रा मार्गों पर रोजाना 8 से 10 हजार से ज्यादा वाहन पहुंच रहे हैं।
हरिद्वार में लगा जाम
मसूरी में वीकेंड पर 4 से 5 हजार, नैनीताल-भवाली-रामगढ़ बेल्ट में 3 से 4 हजार, जबकि रामनगर- कॉर्बेट क्षेत्र में भी प्रतिदिन 1 से 2 हजार पर्यटक गाड़िया पहुंच रही हैं। इधर ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे। वहीं चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों और वीकेंड पर्यटकों की आवाजाही भी रही। तीनों कारण एक साथ होने से हरिद्वार और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक लगा हुआ है। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि जाम खुलवाने के लिए पुलिस को लगातार यातायात प्रबंधन करना पड़ा।
गेट सिस्टम लागू
जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक प्रशासन ने गेट सिस्टम लागू किया। इसके तहत वाहनों को नियंत्रित अंतराल पर छोड़ा जा रहा है ताकि खराब रोड वाले हिस्से पर एक साथ दबाव न बढ़े। प्रशासन का दावा है कि इससे यात्रा ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी हुई है।