उत्तरकाशी के पिरूल प्लांट में आग लगने से भारी नुकस

उत्तरकाशी के पिरूल प्लांट में लगी भीषण आग, बड़े नुकसान की आशंका

उत्तरकाशी में आग की घटना

उत्तरकाशी के चकोन स्थित महादेव गंगाडी के पिरूल प्लांट में तड़के करीब 3:30 बजे आग लग गई। जिसकी लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं। सूचना मिलने पर फायर सर्विस की 2 गाड़ियां टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। फायर सर्विस की टीम मौके पर मौजूद है।

बड़े नुकसान की संभावना

बताया जा रहा है कि प्लांट में पिरूल यानी चीड़ के सूखे पत्तों से धुआं रहित कोयला तैयार किया जाता है। गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के बीच कई घरों और होमस्टे में इस कोयले का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर किया जा रहा था। आने वाले वक्त में उत्तराखंड के स्कूलों में बनने वाले मिड-डे मील में भी इसके इस्तेमाल की तैयारी थी। ऐसे में आग की घटना को स्थानीय स्तर पर बड़ा नुकसान होने की संभावना है। 

आग की लपटें

प्लांट में आसपास के गांवों की तकरीबन 30 से 40 महिलाएं काम करती हैं। महिलाएं जंगलों से पिरूल इकट्ठा कर यहां लाती थीं, जिसे प्लांट संचालक करीब 50 रुपए प्रति kg के हिसाब से खरीदते थे। बताया जा रहा है कि इस योजना में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ओर से भी सब्सिडी दी जाती है। यह प्लांट स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और वैकल्पिक ऊर्जा का बड़ा जरिया बन चुका था। स्थानीय लोगों ने प्लांट से धुआं और आग की तेज लपटें उठती देखीं, जिसके बाद तुरंत फायर सर्विस को सूचना दी गई। दमकल टीम ने आग को आसपास फैलने से रोका, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

पिरूल पाउडर जलकर खाक 

प्राथमिक जानकारी के मुताबिक आग में प्लांट का एक हिस्सा, एक मशीन और बड़ी मात्रा में पिरूल का पाउडर जलकर नष्ट हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि प्लांट दोबारा कब तक शुरू हो सकेगा।