ब्लड सैंपल पर बवाल, अब मल-मूत्र के नमूनों से होगी श्यामू हाथी की स्वास्थ्य जांच!
उज्जैन के प्रसिद्ध हाथी श्यामू के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल होने वाले श्यामू हाथी की जांच के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व, इंदौर और उज्जैन के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम उज्जैन पहुंची थी। टीम का उद्देश्य हाथी का ब्लड सैंपल लेकर उसके स्वास्थ्य की विस्तृत जांच करना था, लेकिन हाथी के मालिक और परिजनों के विरोध के चलते यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
मालिक पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया
जानकारी के अनुसार, जैसे ही डॉक्टरों और वन विभाग की टीम श्यामू का रक्त नमूना लेने पहुंची, हाथी के मालिक पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि हाथी पूरी तरह स्वस्थ है और उसे बीमार बताकर कहीं और भेजने की साजिश रची जा रही है। विरोध इतना बढ़ गया कि विशेषज्ञ टीम को बिना ब्लड सैंपल लिए ही वापस लौटना पड़ा।
हाथी किसी बीमारी से ग्रसित है या नहीं
हालांकि, स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया को पूरी तरह नहीं रोका गया है। वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने श्यामू के मल और मूत्र के नमूने एकत्र कर लिए हैं। अब इन्हीं नमूनों के आधार पर हाथी के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। विशेषज्ञ इन सैंपलों की लैब में जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि हाथी किसी बीमारी से ग्रसित है या नहीं।
स्वास्थ्य की नियमित जांच आवश्यक होती
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों और हाथियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच आवश्यक होती है। वहीं, श्यामू के महावत और परिजनों का दावा है कि हाथी पूरी तरह स्वस्थ है और उसे किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या नहीं है।
गौरतलब है कि श्यामू हाथी उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी का प्रमुख आकर्षण माना जाता है और श्रद्धालुओं के बीच उसकी विशेष पहचान है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि श्यामू का स्वास्थ्य वास्तव में कैसा है और आगे उसके संबंध में क्या निर्णय लिया जाएगा।