In Gwalior, a scammer lured unemployed youths with

नौकरी की लालच देकर 5 युवाओं से की लाखों की ठगी, आरोपी की तलाश जारी

नौकरी की लालच देकर 5 युवाओं से की लाखों की ठगी, आरोपी की तलाश जारी

Gwalior Youth Scammed: ग्वालियर में सरकारी नौकरी का लालच देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी का मामला सामने आया है। एक युवक ने चालाकी करते हुए नौकरी की तलाश कर रहे करीब 5 बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लालच देकर  उनसे करीब 7 लाख 75 हजार रुपए की ठगी करके आरोपी फरार हो गया। शिकार हुए युवा इस मामले की शिकायत करने पहुंचे गिरवाई थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। 

बता दें कि, शिकार हुए युवक  मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।

ठग के खिलाफ दर्ज की FIR

ठगी के शिकार युवकों जो पता चला कि वो ठगी का शिकार हुए वो तुरंत गिरवाई थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। फिलहाल आरोपी फरार है, जिसकी पुलिस उसकी तलाश की जा रही है।

कैसे जाल में फंसे स्टुडेंट?

शिकायतकर्ता छिंदवाड़ा निवासी वर्षा वर्मन ने पुलिस को बताया कि - 'साल 2022 में 'उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग' (भोपाल) द्वारा माली प्रशिक्षण कार्यक्रम की विज्ञप्ति निकाली गई थी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी जब किसी को सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो सभी प्रशिक्षु सरकार के खिलाफ भोपाल और ग्वालियर में आंदोलन कर ज्ञापन सौंप रहे थे।

इसी आंदोलन के दौरान ग्वालियर में पीड़ितों की मुलाकात राजू भवानी उर्फ राजकुमार अहिरवार निवासी पटियावाला मोहल्ला, सिकंदर कंपू से हुई।'

शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि- 

'राजू ने रोष जता रहे युवाओं को अपने झांसे में लिया और दावा किया कि उद्यानिकी विभाग के बड़े अफसरों से उसकी सीधी सेटिंग है और वह सबको परमानेंट सरकारी नौकरी दिलवा सकता है। और उसने प्रति व्यक्ति 2.75 लाख रुपए की मांग की। फिर सबसे अपनी पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर कराया।'   ठग स्टुडेंट्स को ले गया था घर

'भारोसा दिलाने के लिए आरोपी राजू भवानी सभी युवाओं को सिकंदर कंपू स्थित अपने घर ले गया। वहां उसने सरकारी नौकरी के बदले प्रति व्यक्ति 2 लाख 75 हजार रुपए के खर्च की मांग की। मार्च 2025 से शुरू हुए इस लेन-देन के खेल में ठग ने पैसे ऐंठने के लिए अपना फोन-पे नंबर और अपनी पत्नी रोशनी का बैंक अकाउंट दिया।'

स्टुडेंट्स से की इतने रुपए की ठगी

संजय कुमार चढ़ार: 3,00,000 रुपए। वर्षा वर्मन (छिंदवाड़ा): 2,75,000 रुपए। रविंद्र कुमार रजक: 1,00,000 रुपए। अर्जुन सिंह गौड़: 1,00,000 रुपए। हरिनारायण भट्ट: 66,500 रुपए।

कैसे खुला राज?

पैसे देने के बाद युवा काफी समय तक नौकरी के जॉइनिंग लेटर का इंतजार करते रहें लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर जब वो लोग ने ठग   से संपर्क करते, वह नया बहाना बनाकर उन्हें नौकरी का भरोसा दिलाता। लेकिन जब काफी समय बीत गया और किसी को नौकरी नहीं मिली तो युवाओं ने अपने पैसे मांगने शुरु कर दिए। लेकिन आरोपी राजू भवानी ने सीधे तौर पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें धमकाने लगा। इसके बाद पीड़ितों ने उस ठग के खिलाफ FIR दर्ज कराई।

पुलिस कर रही आरोपी की जांच

मामले की जांच में जुटी पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें ठगी की पुष्टि होने के बादFIR दर्ज कर लिया अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

CSP मनीष यादव ने बताया-   'उद्यानिकी विभाग में माली की नौकरी लगवाने के नाम पर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के बेरोजगार युवाओं से 7.75 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फरियादी वर्षा वर्मन की शिकायत पर आरोपी राजू भवानी उर्फ राजकुमार अहिरवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।'