पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान न तो अपनी सुरक्षा से समझौता करेगा और न ही कूटनीतिक बातचीत का रास्ता छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता की शांति उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी धमकी के सामने ईरान पीछे नहीं हटेगा।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में पजशकियान ने कहा कि "कूटनीति और रक्षा राष्ट्रीय शक्ति के दो पंख हैं। हमने न युद्ध का मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की मेज।" यह बयान ऐसे समय आया है जब अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद ईरान और इजराइल के बीच फिर से सैन्य टकराव देखने को मिला है।
अप्रैल के सीजफायर के बाद फिर बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में ईरान और इजराइल के बीच मिसाइल एवं हवाई हमलों का नया दौर शुरू हुआ। ईरान ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जबकि जवाब में इजराइल ने ईरान के सैन्य एवं औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया। इससे क्षेत्रीय संघर्ष के फिर से व्यापक युद्ध में बदलने की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजराइल दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है तो उसे पहले से अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं इजराइल ने भी संकेत दिए हैं कि संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर बनी हुई है उम्मीद
तनाव के बावजूद ईरान ने अमेरिका के साथ जारी बातचीत को जारी रखने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधियों ने संकेत दिए हैं कि जून के अंत तक किसी संभावित समझौते की दिशा में प्रगति हो सकती है। पजशकियान का बयान भी इसी दिशा में कूटनीतिक दरवाजे खुले रखने का संकेत माना जा रहा है।
भारतीय नागरिकों के लिए बढ़ी चिंता
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा टालने और वहां मौजूद भारतीयों को स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसी बीच ओमान के समुद्री क्षेत्र में मिसाइल हमले का शिकार हुए एक तेल टैंकर से 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
तेल बाजार पर असर
ईरान-इजराइल तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। निवेशकों को आशंका है कि यदि संघर्ष बढ़ा तो होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि WTI क्रूड भी 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहा।