उत्तराखंड में मानसून की चुनौती और यात्रा मार्गों पर भूस्खलन के खतरे के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हो रही है। इस साल यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 48 लाख के पार पहुंच गई है।
बदरीनाथ धाम में सबसे ज्यादा श्रद्धालु
19 अप्रैल से 22 सितंबर तक चारधाम यात्रा में 48.11 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 16.57 लाख श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंचे। इसके बाद केदारनाथ में 14.66 लाख, गंगोत्री में 7.48 लाख, यमुनोत्री में 6.69 लाख और हेमकुंड साहिब में 2.71 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे
मौसम की चुनौतियों के बावजूद वर्तमान में भी रोजाना करीब 5 से 6 हजार श्रद्धालु चारधाम और हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। सरकार का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी यात्रा व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
मानसून में सावधानी की अपील
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मानसून के दौरान यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। मौसम विभाग की ओर से भी समय-समय पर बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार श्रद्धालुओं से मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील कर रही है।
61.71 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पर्यटन विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च 2026 से शुरू किया था, जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। 22 अगस्त तक यात्रा के लिए 61.71 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा पंजीकरण
पंजीकरण के आंकड़ों के अनुसार केदारनाथ धाम के लिए करीब 20 लाख, बदरीनाथ के लिए 18.43 लाख, गंगोत्री के लिए 10.62 लाख, यमुनोत्री के लिए 10.11 लाख और हेमकुंड साहिब के लिए 2.55 लाख पंजीकरण हो चुके हैं।
सितंबर से शुरू होगा यात्रा का दूसरा चरण
चारधाम यात्रा का दूसरा चरण सितंबर से शुरू होगा। सरकार का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार हर साल यात्रा नए रिकॉर्ड बना रही है और इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या नया कीर्तिमान बना सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप तीर्थस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है।