हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के मामले में नामजद आठ और कांग्रेसियों ने मंगलवार को सिविल लाइंस थाने पहुंचकर समर्पण किया। दोनों जिलाध्यक्षों के साथ थाने पहुंचे इन सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेल बांड भरवाने के बाद जमानत दे दी। मामले में अब तक नामजद कांग्रेसियों को राहत मिल चुकी है।
थाने पहुंचकर किया समर्पण
मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने के मामले में सिविल लाइंस थाने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। शुक्रवार रात आठ कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें शनिवार को जमानत मिल गई थी।
इसके बाद सोमवार रात शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर और ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव डीसीपी वेस्ट के समक्ष पेश हुए। उन्हें भी जमानत मिल गई। मंगलवार को सविंद्र लोहिया, मंदीप, मुकेश डागर, विकास हुड्डा, अशोक अंबावता, राकेश यादव, सुनील कुमार और नितिन यादव दोनों जिलाध्यक्षों के साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे। पुलिस ने सभी को बेल बांड पर रिहा कर दिया।
‘जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं’
गुरुग्राम कांग्रेस लीगल सेल के चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता मंदीप सेहरा ने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं की जमानत की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी कर ली गई। इस दौरान पंकज डावर और वर्धन यादव ने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध नहीं है।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
‘12 साल में भी नहीं सुधरी सड़क-सीवर व्यवस्था’
वर्धन यादव ने कहा कि यदि सरकार खुद को जनता का हितैषी मानती है तो उसे अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय सीधे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा और नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा ने गुरुग्राम के विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन शहर की जमीनी तस्वीर अलग है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के लोग गंदगी, जलभराव, टूटी सड़कों और सीवर की समस्याओं से परेशान हैं। 12 साल की भाजपा सरकार के बावजूद न सड़कें ठीक हुईं और न सीवरेज व्यवस्था में अपेक्षित सुधार हुआ। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे लोगों के लिए रोजाना परेशानी का कारण बने हुए हैं।
‘कार्यकर्ताओं को डराकर आवाज नहीं दबा सकते’
पंकज डावर ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और जनता की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विरोध करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी बातें सुननी चाहिए।
डावर ने कहा कि गुरुग्राम में जलभराव, खराब सड़कों और सफाई व्यवस्था की समस्याएं किसी से छिपी नहीं हैं। कई चर्चित हस्तियां भी सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए इन मुद्दों को उठा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव रोकने के सरकारी दावे बार-बार फेल होते हैं और करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल के तौर पर जनता की समस्याओं को विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाती रहेगी।
इस मौके पर मेयर प्रत्याशी नीरज यादव, एडवोकेट सूबे सिंह यादव, प्रवक्ता सुखबीर तंवर, ब्लॉक अध्यक्ष अमित कोचर, एडवोकेट मनदीप सेहरा, अमन प्रजापति और पंकज मेहंदीरत्ता समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।