उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ धाम के पास कंचन गंगा क्षेत्र में एक ग्लेशियर टूट गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में तापमान बढ़ने के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगते हैं। गर्मी बढ़ने के कारण हर साल इस तरह की स्थितियां देखने को मिलती हैं।
गर्मी की वजह से खिसका ग्लेशियर
बता दे कि कंचन गंगा के ऊपर मौजूद ग्लेशियर भी इसी वजह से नीचे की ओर खिसकता है और कई बार इसके हिस्से टूटकर नीचे आते हैं। हालांकि, इस बार ग्लेशियर टूटने की घटना से आसपास के इलाके में कोई नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय लोग इसे गर्मियों के दौरान होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया बता रहे हैं।
मौसम में बदलाव
ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में बदलाव और बढ़ते तापमान के चलते ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार तेज होने से इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान या जनहानि की कोई खबर नहीं है।