हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में आयोजित महर्षि कश्यप जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर कश्यप समाज को कई बड़ी सौगातें दीं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने महर्षि कश्यप को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और ज्ञान परंपरा का महान प्रतीक बताते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह गर्व और सौभाग्य की बात है कि महर्षि कश्यप के वंशज उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने महर्षि कश्यप को नमन करते हुए कहा कि वे केवल महान ऋषि ही नहीं थे, बल्कि भारत के प्रथम वैज्ञानिक, समाजशास्त्री और विधि निर्माता के रूप में भी जाने जाते हैं।
‘महर्षि कश्यप ने समाज को नई दिशा दी’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि कश्यप ने ‘कश्यप संहिता’ और अन्य स्मृति ग्रंथों के माध्यम से समाज को नई सोच और दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि वेदों, पुराणों और उपनिषदों में महर्षि कश्यप के योगदान का विस्तार से उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री ने उन्हें विज्ञान, चिकित्सा, वास्तु, संगीत और ज्योतिष का महान आचार्य भी बताया।
महर्षि कश्यप
कश्यप समाज के इतिहास और योगदान की सराहना
सीएम सैनी ने कश्यप समाज के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज हमेशा से मेहनतकश और साहसी रहा है। उन्होंने रामायण काल के निषाद राज का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज ने देश और समाज को कई प्रेरणादायक व्यक्तित्व दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लोगों ने शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है।
धर्मशाला, प्रतिमा और चेयर स्थापना की घोषणा
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि कैथल में महर्षि कश्यप धर्मशाला के निर्माण के लिए नियमानुसार प्लॉट आवंटित किया जाएगा। वहीं, इंद्री में महर्षि कश्यप के नाम पर भव्य प्रतिमा और चौक का निर्माण कराया जाएगा।
हरियाणा सीएम सैनी
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कश्यप समाज की धर्मशाला के लिए अपने निजी कोष से 31 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही महर्षि कश्यप के नाम पर एक चेयर स्थापित करने का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग और कश्यप समाज के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।