चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) इंडिया रीजन के जोन-2 (नॉर्थ ज़ोन) सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। 10 जून तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सांसद, विधायक और संसदीय अधिकारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
औपचारिक उद्घाटन किया गया
सम्मेलन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत के साथ हुई। इसके बाद पारंपरिक दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर “हरियाणा 1966-2025” विषय पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें राज्य की विकास यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाया गया।
साक्ष्य आधारित नीति निर्माण पर जोर दिया
उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि विकसित भारत-2047 केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसी भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए साक्ष्य आधारित नीति निर्माण पर जोर दिया।
भारत के सपने को साकार कर सकते
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार से जोड़ने की आवश्यकता बताई। वहीं हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि जागरूक समाज और जवाबदेह जनप्रतिनिधि ही विकसित भारत के सपने को साकार कर सकते हैं।
सम्मेलन में 12 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। उद्घाटन से पहले ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा में नवस्थापित पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर (PRIC) का उद्घाटन भी किया। सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-बसों का उपयोग विशेष आकर्षण रहा।