हिमाचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में शुक्रवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने महिलाओं, युवाओं, कारोबारियों और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कई बड़े फैसले लिए। इन घोषणाओं के बाद पूरे प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है। सबसे ज्यादा सुर्खियां महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने वाली योजना ने बटोरी हैं, जिसे सरकार की बड़ी जनकल्याणकारी पहल माना जा रहा है।
हालांकि पंचायत और नगर निकाय चुनावों के चलते राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है, इसलिए सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की गई। लेकिन सूत्रों के जरिए सामने आए फैसलों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
कैबिनेट बैठक का एक दृश्य
महिलाओं को हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता
कैबिनेट बैठक में सबसे अहम फैसला आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए लिया गया। जानकारी के मुताबिक, जिन परिवारों की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है, उनकी महिलाओं को सरकार हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि देगी। इस योजना का ऐलान पहले ही बजट सत्र में किया गया था और अब कैबिनेट ने इसे अंतिम मंजूरी दे दी है।
सरकार का मानना है कि इससे लाखों महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
अब 24 घंटे खुल सकेंगी दुकानें
पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए हिमाचल में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे तक खुले रखने की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि इससे पर्यटन कारोबार को नई गति मिलेगी और स्थानीय व्यापारियों की आय बढ़ेगी।
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय
रात के समय भी बाजारों में गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
युवाओं के लिए नौकरियों की सौगात
कैबिनेट बैठक बेरोजगार युवाओं के लिए भी राहत लेकर आई। सरकार ने विभिन्न विभागों में खाली पड़े सैकड़ों पदों को भरने की मंजूरी दी है। खासतौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भर्तियां की जाएंगी।
सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। इससे मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
300 स्कूलों में मिलेंगी CBSE जैसी सुविधाएं
राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत आने वाले 300 स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का फैसला लिया है। इन स्कूलों में CBSE स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग में 1500 नए पद भी भरे जाएंगे।
विपक्ष ने उठाए सवाल
जयराम ठाकुर (दाएं)
इन फैसलों के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद इस तरह की घोषणाएं करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।