राजस्थान के जयपुर में हज़ारों की संख्या में पुलिस के जवान तैनात है। ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है और इंटरनेट बंद कर दिया गया है। क्योंकि आज अवैध निर्माण किए गए कुछ धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया। पहले ही अल्टीमेटम दिया जा चुका है कि अगर हिंसा की कोशिश हुई, या फिर सोशल मीडिया की मदद से अफवाह फैलाने की कोशिश हुई तो सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा। लेकिन ऐसा क्यों किया जा रहा है?
धार्मिक स्थलों को नोटिस
दरअसल, जयपुर के नंदपुरी इलाके में सड़क चौड़ी करने की तैयारी चल रही है। काम भी शुरू हो गया। लेकिन, मस्जिद वाले एरिया को छोड़ दिया गया था। इसे लेकर लोगों ने लगातार प्रदेश सरकार को टारगेट करना शुरू कर दिया। कहा जाने लगा कि जब मस्जिद सड़क के बीच में आ रही है, तो उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया गया? तमाम आरोपों के बाद मस्जिद और उस एरिया में आने वाले दूसरे धार्मिक स्थलों को नोटिस भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण को लेकर कई बार नोटिस भेजा गया था। लेकिन फिर भी कानून का पालन नहीं हुआ। इसलिए अब नूरानी मस्जिद को तोड़ दिया गया।

2 मंदिरों पर भी चलेगा बुलडोजर
पुलिस का कहना है कि अगर अफवाह फैलाने की कोशिश की या माहौल बिगाड़ा गया तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा। जिस पर बुलडोजर चलाया जाएगा, उसमें नूरानी मस्जिद अकेली शामिल नहीं है। लिस्ट में और भी नाम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मज़ार को तोड़ा जाएगा। बताया जा रहा है कि ये धार्मिक स्थल सड़क के राइट ऑफ वे, यानी सड़क की सीमा में आ रहे हैं। इधर मस्जित को लेकर कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान का वीडियो सामने आया। रफीक खान के साथ मौजूद विधायक अमीन कागजी भी भावुक दिखे।