MP का आधा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है। यहां तापमान 42 डिग्री के पार चल रहा है। बता दें कि रविवार को राजगढ़ में तापमान रिकॉर्ड 45 डिग्री रहा, जबकि 11 में 43 और 4 जिलों में पारा 44 डिग्री पार पहुंच गया। अगले 4 दिन में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा। इसलिए मौसम विभाग ने दोपहर 12 से 3 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की चेतावनी दी है।
IMD भोपाल के अनुसार, सोमवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में लू का अलर्ट है। इस वजह से तापमान 43 से 44 डिग्री के पार रहेगा।
भोपाल-इंदौर में तेज गर्मी पड़ेगी
सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां तेज गर्मी पड़ेगी।
16 शहरों में पारा 43 डिग्री के पार
इससे पहले रविवार को राजगढ़ में पारा 45 डिग्री पहुंच गया। वहीं, 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री या इससे अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार, राजगढ़ के बाद रतलाम में तापमान 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव-खजुराहो में 44.4 डिग्री, गुना में 43.7 डिग्री, श्योपुर, रायसेन-नरसिंहपुर में 43.6 डिग्री, दतिया, शाजापुर-दमोह में 43.4 डिग्री, खरगोन-टीकमगढ़ में 43.2 डिग्री और धार में 43.1 डिग्री रहा। बता दें कि प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.7 डिग्री, इंदौर में 42.8 डिग्री, ग्वालियर में 42.6 डिग्री और जबलपुर में तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। अगले 3 दिन यानी, 17, 18 और 19 मई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ेगी।
मई के 17 में से 14 दिन गिरा पानी
MP में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी 10 मई तक प्रदेश में बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई।