मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सरकारी कार्यसंस्कृति को लेकर बड़े बदलावों का ऐलान किया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा बचत, डिजिटल प्रशासन और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर देते हुए कई अहम निर्देश दिए।
सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करेंगे मंत्री
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे जनता के सामने उदाहरण पेश करें। उन्होंने सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल का इस्तेमाल करने की अपील की।सीएम ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को पहले खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा।
सचिवालय और निदेशालय में AC रहेगा 24-26 डिग्री पर
मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर के सभी कार्यालयों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखने का निर्देश दिया। साथ ही लिफ्ट का कम से कम इस्तेमाल करने की भी अपील की गई।सरकार का मानना है कि इससे बिजली की खपत कम होगी और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में बिजली के अधिक उपयोग को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
50 कर्मचारियों वाले संस्थानों में 2 दिन Work From Home
नई कार्यसंस्कृति के तहत 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके साथ ही अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विधानसभा-विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है।सरकार का उद्देश्य डिजिटल शासन को बढ़ावा देना और अनावश्यक यात्रा व संसाधनों की खपत कम करना है।
इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा पर फोकस
बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रिहायशी कॉलोनियों, स्कूलों और कॉलेजों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और प्रदूषण नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी।
शादी-विवाह और उपहारों में ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने सामाजिक आयोजनों में मितव्ययिता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और अन्य समारोहों में घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जाए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले।इसके अलावा मंत्रियों से कहा गया कि वे उपहार स्वरूप उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जिनका निर्माण उत्तर प्रदेश में हुआ हो। सरकार ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को और मजबूत करने का संकेत दिया है।