घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं माना जाता, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे घर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार से घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यही वजह है कि कई लोग यहां देवी-देवताओं की तस्वीर या शुभ चिह्न लगाते हैं। हालांकि, वास्तु में अलग-अलग देवी-देवताओं की तस्वीरों के लिए अलग मान्यताएं बताई गई हैं।
मुख्य द्वार पर गणेश जी की तस्वीर
वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की तस्वीर या प्रतिमा लगाना शुभ माना जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है और उनकी तस्वीर को सुख-शांति व सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। मुख्य द्वार के लिए गणेश जी की बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर को प्राथमिकता देने की मान्यता है। साथ ही तस्वीर लगाते समय दिशा और स्थिति का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
लक्ष्मी-कुबेर की तस्वीर से जुड़ी मान्यता
धन और समृद्धि से जुड़े शुभ प्रतीक के तौर पर मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की तस्वीर लगाने की परंपरा भी देखने को मिलती है। वास्तु मान्यताओं में इन्हें आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मां लक्ष्मी की तस्वीर लगाते समय बैठी हुई मुद्रा को शुभ माना जाता है। वहीं मुख्य द्वार पर खड़ी हुई लक्ष्मी जी की तस्वीर लगाने से बचने की सलाह कुछ वास्तु मान्यताओं में दी जाती है।
लक्ष्मी जी के पदचिह्न भी माने जाते हैं शुभ
मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पदचिह्न लगाने की भी धार्मिक परंपरा है। मान्यता है कि ये घर में सुख-समृद्धि के आगमन का प्रतीक होते हैं। इसके अलावा मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या 'शुभ-लाभ' जैसे शुभ चिह्न भी बनाए या लगाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में लंबे समय से होता आया है।
किन तस्वीरों से बचने की सलाह दी जाती है?
कुछ वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार पर भगवान शिव के रौद्र स्वरूप, शनिदेव या मां काली की तस्वीर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ये धार्मिक और वास्तु संबंधी मान्यताएं हैं और अलग-अलग परंपराओं में इनके बारे में विचार अलग हो सकते हैं। इसलिए तस्वीर चुनते समय परिवार की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का भी ध्यान रखा जा सकता है।
मुख्य द्वार पर साफ-सफाई भी जरूरी
वास्तु मान्यताओं में केवल देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने को ही महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, बल्कि मुख्य द्वार की साफ-सफाई पर भी जोर दिया जाता है। तस्वीर के आसपास धूल-मिट्टी और गंदगी जमा नहीं होने देना चाहिए। मुख्य द्वार पर पर्याप्त रोशनी रखने की सलाह भी दी जाती है। तस्वीर के आसपास हल्की रोशनी के लिए छोटा बल्ब लगाया जा सकता है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार साफ-सुथरा और रोशन प्रवेश द्वार घर के सकारात्मक माहौल से जुड़ा माना जाता है।
वास्तु और धार्मिक मान्यताएं आस्था एवं परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाता।