ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 शहीद जवानों के नाम सार्वजनिक करने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर शहीदों के नाम छिपाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा कहा, ‘सरकार ने जवानों की शहादत एक साल तक सार्वजनिक नहीं की। उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार है।’
कांग्रेस ने लगाए आरोप
उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक बयान का वीडियो शेयर किया। इसमें राजनाथ सिंह ने सवाल के जवाब में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा। पवन खेड़ा ने कहा, '2 ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री को उस समय 6 जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी या उन्होंने संसद को गुमराह किया। दोनों ही स्थितियां बहुत गंभीर हैं।'
Truth Finally Out: 6 Operation Sindoor Martyrs Named, Modi Govt Never Acknowledged pic.twitter.com/EXo7tIV8Ju
— Congress (@INCIndia) June 27, 2026
शहीदों की पहचान
उधर, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इस पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह दावा गलत है कि शहीदों को पहली बार सम्मान मिला। रक्षा मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। शहीद हुए जवानों में -
- लांस नायक दिनेश कुमार
- एविएटर मूड मुरलीनायक
- सार्जेंट सुरेंद्र कुमार
- सूबेदार मेजर पवन कुमार
- राइफलमैन सुनील कुमार
- हवलदार सुनील कुमार सिंह
रक्षा मंत्रालय का पक्ष
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 11 मई 2025 को हुई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने इन 6 जवानों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद 14 अगस्त 2025 की प्रेस विज्ञप्ति में उन्हें वीरता पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी सार्वजनिक की गई। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के वॉल पर साल 2025 के खंड में ऑपरेशन सिंदूर के साथ सभी 6 शहीदों के नाम लिखे गए।