मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हरिद्वार में रविवार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर संत समाज का मंथन भी कार्यक्रम में पहुंचे। संत समागम में देशभर के प्रमुख संत-महात्मा जुटे। दोनों नेताओं ने संतों के बीच ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा और इसकी जरूरत पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के दोनों अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी और श्रीमहंत हरि गिरि, योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई प्रमुख संत शामिल हुए। धार्मिक और सामाजिक जगत से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की
संतों के बीच चुनाव व्यवस्था पर चर्चा
संत समागम में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार की इस पहल के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने भी इस व्यवस्था की आवश्यकता और इसके संभावित प्रभावों को लेकर संतों को संबोधित किया।कार्यक्रम में लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया और देशहित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। संत समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि देशहित के महत्वपूर्ण विषयों पर समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संवाद होना जरूरी है।
अखाड़ा परिषद के दोनों अध्यक्ष भी पहुंचे
कार्यक्रम की खास बात अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के दोनों अध्यक्षों की मौजूदगी रही। श्रीमहंत रवींद्र पुरी और श्रीमहंत हरि गिरि के साथ बाबा रामदेव और अन्य प्रमुख संतों ने भी संत समागम में हिस्सा लिया। प्रमुख संतों की मौजूदगी के कारण कार्यक्रम को धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और धार्मिक जगत से जुड़े लोगों के बीच ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
धामी-शिवराज के पहुंचने पर बढ़ी हलचल
मुख्यमंत्री धामी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हरिद्वार पहुंचने के बाद कार्यक्रम स्थल पर हलचल बढ़ गई। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच कार्यक्रम में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और संतों के संबोधन जारी रहे।