अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में SIT की जांच को लेकर अहम जानकारी सामने आई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि CCTV फुटेज की जांच में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं सामने आई हैं। अदालत ने जांच से जुड़ी जानकारी और सबूतों को रिकॉर्ड पर लिया।
CCTV में 105 घटनाएं
सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि SIT ने मंदिर में लगे CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सामग्री का विश्लेषण किया। इसी जांच के दौरान चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं। आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज के साथ अन्य सामग्री का भी विश्लेषण किया गया।
गवाहों के बयान भी सबूत
SIT की स्टेटस रिपोर्ट में CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और दूसरे सबूतों का भी जिक्र किया गया। अदालत को बताया गया कि जांच के दौरान उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पेश की गई जानकारी को अपने रिकॉर्ड में ले लिया।
रसीद और SBI लॉकर का रिकॉर्ड
रिपोर्ट में कीमती सामान से जुड़ी रसीदों की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि कीमती सामान की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार होती है और उन्हें SBI लॉकर में रखा जाता है।
25 सितंबर तक चार्जशीट
सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं। ऐसे में तय अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है, वरना गिरफ्तार आरोपियों को डिफॉल्ट बेल का कानूनी अधिकार मिल सकता है।
SIT रिपोर्ट देने से इनकार
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से SIT की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इसे देने से इनकार कर दिया। अदालत ने संकेत दिया कि वह मामले को सेशन जज से अपने हाथ में नहीं लेना चाहती। अगर आगे जांच की जरूरत महसूस हुई तो कोर्ट इस संबंध में उचित आदेश पारित कर सकती है। मामले में अब अगला अहम कदम चार्जशीट दाखिल होना है। इसके बाद जांच में सामने आए आरोपों, सबूतों और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।