उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और उस पर राहुल गांधी के हंसने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीएम धामी ने कहा कि मां राजनीति का विषय नहीं होती और किसी भी सभ्य समाज में मां का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मां का अपमान स्वीकार नहीं
सीएम धामी ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माताजी को लेकर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी पर हंसना भी राजनीतिक संस्कारों और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से राजनीतिक विरोध के दौरान मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की असहमति हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक सम्मान की सीमाएं नहीं लांघी जानी चाहिए।
राजनीतिक विरोध में मर्यादा जरूरी
धामी ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर मर्यादा की सीमाएं पार करना न तो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है और न ही भारतीय राजनीतिक संस्कारों के। उन्होंने कहा कि ऐसी असंवेदनशीलता और उपहास को सामान्य नहीं माना जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की मातृशक्ति भी इस तरह की घटनाओं को देख रही है। उनके मुताबिक सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से जिम्मेदार और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
अजीत डोभाल पर टिप्पणी को लेकर नाराजगी
सीएम धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि डोभाल ने देश की सुरक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया है। धामी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहे व्यक्तियों के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
‘देवभूमि अपने सपूतों का सम्मान करती है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड के सपूत हैं और देवभूमि अपने सपूतों का सम्मान करना जानती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी करते समय राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक जीवन की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। धामी ने दोहराया कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।