श्राद्ध पक्ष की परंपराएं

16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, धार्मिक मान्यता में पितरों का मिलता है आशीर्वाद

श्राद्ध पक्ष में पितरों की आत्मिक शांति और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए गाय को भोजन कराने की परंपरा है।

By : सोनिया रायकवार
16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, धार्मिक मान्यता में पितरों का मिलता है आशीर्वाद

श्राद्ध पक्ष को सनातन परंपरा में पितरों के स्मरण, तर्पण और श्रद्धा व्यक्त करने का समय माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए पूजा-पाठ, तर्पण और दान-पुण्य जैसे कार्य करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए कुछ विशेष कार्यों का पुण्य फल प्राप्त होता है। इन्हीं मान्यताओं में श्राद्ध पक्ष के किसी एक दिन गाय को भोजन कराने का उपाय भी बताया जाता है। माना जाता है कि श्रद्धा के साथ गोसेवा करने से परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

क्या सामग्री चाहिए?

इस उपाय के लिए बहुत सामान्य चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

  1. एक ताजी सिकी हुई गेहूं की रोटी
  2. थोड़ी चीनी या गुड़
  3. थोड़े से पके हुए चावल

कैसे करें यह उपाय?

सबसे पहले एक ताजी गेहूं की रोटी लें। इसके ऊपर थोड़ी मात्रा में चीनी या गुड़ रखें और साथ में कुछ पके हुए चावल रख दें। इसके बाद रोटी को मोड़कर या रोल बनाकर सभी चीजों को एक साथ कर लें।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भोजन तैयार करते समय भगवान शिव के विशेष स्वरूप से जुड़े ‘विष कपि वृषा कपि’ नाम का स्मरण किया जाता है।

इसके बाद तैयार भोजन को श्रद्धापूर्वक घर के बाहर आई गाय या गोवंश को खिलाने की परंपरा बताई जाती है।

आर्थिक स्थिति और खुशहाली को लेकर क्या मान्यता है?

हिंदू धार्मिक परंपरा में गाय को पूजनीय माना गया है। पितृपक्ष में गाय को भोजन कराने को सेवा और पुण्य का कार्य माना जाता है। मान्यता है कि इस तरह की सेवा से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है।

कुछ धार्मिक मान्यताओं में ‘विष कपि’ नाम के स्मरण को आर्थिक परेशानियों और जीवन में आने वाली रुकावटों को दूर करने से भी जोड़ा गया है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनके प्रभाव को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है।

श्राद्ध पक्ष में इस तरह के उपाय का मुख्य उद्देश्य श्रद्धा, सेवा और पूर्वजों का स्मरण माना जाता है।

संबंधित सामग्री

आटे और शक्कर के डिब्बे में रखें ये चीजें, धार्मिक मान्यता में माना जाता है बरकत का उपाय

आटे और शक्कर के डिब्बे में रखें ये चीजें, धार्मिक मान्यता में माना जाता है बरकत का उपाय

भारतीय घरों में किचन की व्यवस्था में वास्तु और धार्मिक मान्यताओं का विशेष स्थान है, जिसमें कुछ विशेष चीजें रखने की प्रथा है जिससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

08 Oct 2026
सबसे पहला श्राद्ध किसने किया था? भगवान राम को याद करने से पहले जान लें महाभारत की यह पौराणिक कथा!

सबसे पहला श्राद्ध किसने किया था? भगवान राम को याद करने से पहले जान लें महाभारत की यह पौराणिक कथा!

महाभारत के अनुसार, महर्षि निमि को श्राद्ध करने वाले पहले व्यक्ति के रूप में माना जाता है, जिसमें महर्षि अत्रि ने उन्हें पितृयज्ञ की विधि बताई थी।

05 Oct 2026
शाम को घर में न लगाएं झाड़ू, पितृपक्ष में महिलाएं ध्यान रखें ये 6 बातें

शाम को घर में न लगाएं झाड़ू, पितृपक्ष में महिलाएं ध्यान रखें ये 6 बातें

पितृपक्ष के दौरान विभिन्न धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है, जैसे दीपक जलाना, श्राद्ध का भोजन न बनाना, और घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना।

04 Oct 2026
पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के बनाएं ये स्वादिष्ट सब्जियां, खाने वाले करेंगे तारीफ

पितृ पक्ष में बिना प्याज-लहसुन के बनाएं ये स्वादिष्ट सब्जियां, खाने वाले करेंगे तारीफ

पितृ पक्ष के दौरान, कई भारतीय परिवार प्याज और लहसुन के बिना सात्विक भोजन बनाते हैं। यहां कुछ स्वादिष्ट और आसान रेसिपीज हैं।

03 Oct 2026
एक बेलपत्र, थोड़ा लाल चंदन और मन की बात… पितृ पक्ष में क्यों किया जाता है ये उपाय?

एक बेलपत्र, थोड़ा लाल चंदन और मन की बात… पितृ पक्ष में क्यों किया जाता है ये उपाय?

श्राद्ध पक्ष के दौरान बेलपत्र और लाल चंदन से शिव पूजा की विधि बताई गई है, जिससे पारिवारिक सुख-शांति और परेशानियों से राहत की कामना की जाती है।

02 Oct 2026