गणपति उत्सव में बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। आमतौर पर घरों में चावल या गेहूं के आटे से मोदक तैयार किए जाते हैं, लेकिन अगर इस बार कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो बूंदी मोदक बना सकते हैं। बूंदी की दानेदार बनावट और चाशनी की मिठास इसे स्वाद में खास बनाती है। बूंदी मोदक घर पर आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। इसमें बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी।
बूंदी मोदक के लिए सामग्री
बूंदी के लिए
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1 कप बेसन
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जरूरत के अनुसार पानी
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1 चुटकी बेकिंग सोडा
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तलने के लिए तेल या घी
चाशनी के लिए
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1 कप चीनी
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करीब आधा कप पानी
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आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर
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5-6 केसर के धागे, वैकल्पिक
सजाने के लिए
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1 बड़ा चम्मच कटे हुए काजू
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1 बड़ा चम्मच कटे हुए बादाम
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1 बड़ा चम्मच पिस्ता
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1 बड़ा चम्मच सूखा नारियल, वैकल्पिक
बेसन का घोल तैयार करें
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन लें और इसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना घोल तैयार करें। घोल न बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला। इसकी कंसिस्टेंसी ऐसी रखें कि झारे से गिराने पर बेसन आसानी से छोटी-छोटी बूंदों के रूप में तेल में गिर सके। बूंदी को अच्छी बनावट देने के लिए घोल को करीब 2-3 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें। इससे घोल में थोड़ी हवा शामिल होगी। बेकिंग सोडा की मात्रा बहुत ज्यादा न रखें।
बूंदी तलने का तरीका
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। तेल मध्यम गर्म होना चाहिए। अब बूंदी वाले झारे को कड़ाही के ऊपर रखें और उस पर थोड़ा बेसन का घोल डालें। झारे को हल्के हाथ से थपथपाएं, ताकि बेसन की छोटी-छोटी बूंदें तेल में गिरें। बूंदी को ज्यादा देर तक न तलें। हल्की सुनहरी होने पर इसे निकालकर प्लेट में रख लें। इसी तरह बचे हुए घोल से पूरी बूंदी तैयार कर लें।
चाशनी बनाएं
अब एक पैन में चीनी और करीब आधा कप पानी डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। चाशनी को बहुत ज्यादा गाढ़ा न करें। इसमें इलायची पाउडर और केसर डालकर अच्छी तरह मिला दें। चाशनी तैयार होने के बाद गैस धीमी कर दें और इसमें तली हुई बूंदी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। कुछ मिनट तक बूंदी को चाशनी सोखने दें।
मोदक के सांचे में भरें
जब बूंदी हल्की गर्म और चिपचिपी हो जाए, तब इसे मोदक के सांचे में भरें। ऊपर से हल्के हाथ से दबाएं, ताकि बूंदी आपस में अच्छी तरह सेट हो जाए। अब सांचे को खोलकर मोदक बाहर निकाल लें। अगर आपके पास मोदक का सांचा नहीं है तो हाथों की मदद से भी बूंदी को मोदक का आकार दिया जा सकता है। तैयार मोदक को काजू, बादाम, पिस्ता और सूखे नारियल से सजाएं।
इन बातों का रखें ध्यान
बूंदी मोदक बनाते समय बेसन के घोल की कंसिस्टेंसी सबसे महत्वपूर्ण है। घोल बहुत पतला होगा तो बूंदी का आकार बिगड़ सकता है और ज्यादा गाढ़ा होने पर वह झारे से आसानी से नहीं गिरेगी। तेल को बहुत तेज गर्म न करें, वरना बूंदी बाहर से जल्दी ब्राउन हो सकती है। वहीं चाशनी को भी बहुत ज्यादा गाढ़ा न करें। बूंदी को चाशनी में डालने के बाद ज्यादा देर तक न पकाएं, नहीं तो मोदक सख्त हो सकते हैं। इस तरह घर पर आसानी से स्वादिष्ट बूंदी मोदक तैयार किए जा सकते हैं। गणपति बप्पा के भोग के लिए यह पारंपरिक मोदक से अलग और स्वादिष्ट विकल्प हो सकता है।