कई बार सही देखभाल न मिलने के कारण करी पत्ता का पौधा सूखने लगता है या डंडे की तरह लंबा होकर रुक जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। नर्सरी वाले भईया की टिप्स और केनीशा सेवानी का तजुर्बा आपके काम आएगा। भारतीय रसोई में करी पत्ता का इस्तेमाल तड़के और जायके के लिए खूब किया जाता है। लेकिन गमले में लगा करी पत्ता का पौधा अक्सर लंबा होकर बिना पत्तियों वाला सिर्फ एक डंडे जैसा खड़ा रह जाता है। कई बार देखभाल की सही जानकारी न होने के कारण यह सूखने या सड़ने लगता है।
कटाई से न डरें
करी पत्ता को घना बनाने का सबसे पहला और जरूरी नियम है उसकी ऊपर से पिंचिंग या कटाई करना। अगर आप पौधे को सीधे ऊपर की ओर बढ़ने देंगे, तो वह केवल एक डंडी की तरह लंबा होता जाएगा। कैंची की मदद से पौधे की ऊपर की नई कोपलों या टिप को काट दें। ऊपर का हिस्सा कटते ही पौधा अपनी ऊर्जा को ऊपर बढ़ाने की जगह नई शाखाएं बनाने में लगाता है। छंटाई के दो ही हफ्तों के भीतर कटिंग वाले हिस्से के पास से दो से तीन नई सूट्स निकलने लगती हैं।
भरपूर धूप की उपलब्धता
करी पत्ता एक धूप पसंद करने वाला पौधा है। अगर इसे पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती, तो इसकी पत्तियां पीली पड़कर झड़ने लगती हैं और वृद्धि रुक जाती है। पौधे को घर के ऐसे हिस्से या बालकनी में रखें जहाँ इसे रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिल सके। धूप मिलने से प्रकाश संश्लेषण बेहतर होता है, जिससे पत्तियां हरी, चमकदार और सुगंधित बनी रहती हैं।
खट्टी छाछ और नाइट्रोजन-रिच फर्टिलाइजर
पौधे को घना और पत्तियों से भरपूर बनाने के लिए इसे समय-समय पर सही पोषण मिलना जरूरी है। महीने में एक या दो बार पौधे में खट्टी छाछ या पानी में मिला हुआ खट्टा दही डालें। इसके अलावा नाइट्रोजन से भरपूर जैविक खाद का प्रयोग करें। खट्टी छाछ मिट्टी की अम्लीयता को संतुलित रखती है और पौधे को कवक/फंगस से बचाती है। नाइट्रोजन पत्तियों के विकास और उनके गहरे हरे रंग को बनाए रखने में मदद करता है।
जड़ों के फैलाव के लिए बड़ा गमला या ग्रो बैग
अक्सर छोटे गमलों में जड़े बंध जाती हैं, जिससे पौधा सांस नहीं ले पाता और उसकी ग्रोथ पूरी तरह थम जाती है। जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो उसे छोटे गमले से निकालकर बड़े आकार के गमले या ग्रो बैग में री-पॉट करें। बड़ी जगह मिलने से जड़ों को फैलने और सांस लेने का मौका मिलता है, जिससे पौधा गमले की बंदिशों से निकलकर एक छोटे पेड़ की तरह तेजी से विकसित होता है।
पत्तियों की नियमित कटाई का सही तरीका
अगर आप पौधे से करी पत्ता तोड़ते नहीं हैं, तो पुरानी पत्तियां अपनी उम्र पूरी करके पीली पड़ जाती हैं और पौधा नई पत्तियां बनाना बंद कर देता है। रसोई में इस्तेमाल के लिए हमेशा ऊपर की नई सूट्स या पत्तियों की शाखाओं को काटें। हफ्ते में एक या दो बार नियमित रूप से पत्तियों का उपयोग करते रहें। पत्तियों की लगातार कटाई पौधे के लिए हल्की प्रूनिंग का काम करती है, जिससे पौधा हमेशा नई और ताजा पत्तियां देने के लिए इंस्पायर होता रहता है।
ओवर-वाटरिंग से बचें
लोहे जैसे मजबूत दिखने वाले इस पौधे की मौत का सबसे बड़ा कारण जड़ों का सड़ना होता है, जो अत्यधिक पानी देने से होता है। पौधे में पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी दिखाई दे। गमले के ड्रेनेज होल को हमेशा खुला रखें और महीने में एक बार मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें। गुड़ाई करने से जड़ों तक ऑक्सीजन आसानी से पहुँचती है और पानी रुकने की समस्या समाप्त हो जाती है, जिससे पौधा सालों-साल हेल्दी बना रहता है।