पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 4 अक्टूबर से लॉन्ग मार्च शुरू किया है। मार्च खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से शुरू हुआ है और करीब 275 किलोमीटर की दूरी तय कर इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है।
रिहाई की मांग को लेकर मार्च
PTI समर्थक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गांडी चौक से इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह मार्च आयोजित किया जा रहा है।
यह प्रदर्शन PTI और पाकिस्तान सरकार के बीच हुई बातचीत के बेनतीजा रहने के कुछ घंटे बाद शुरू हुआ। बातचीत के जरिए दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।
इस्लामाबाद में धारा 144 लागू
प्रदर्शन को देखते हुए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रशासन ने शहर में लोगों के प्रवेश और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर प्रतिबंध लगाए हैं।
सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, जबकि PTI समर्थक इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं।
PTI ने गिरफ्तारी का दावा किया
PTI का दावा है कि उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पार्टी ने बड़े पैमाने पर धरपकड़ का आरोप लगाया है। हालांकि, गिरफ्तारियों का यह आंकड़ा PTI के दावे पर आधारित है।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
2023 से जेल में हैं इमरान खान
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 2023 से जेल में हैं। उनकी रिहाई PTI की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। पार्टी इससे पहले भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर चुकी है।
अब एक बार फिर लॉन्ग मार्च के जरिए PTI ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू की है। इस मार्च का रुख और इस्लामाबाद में प्रशासन की कार्रवाई आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।