भोजशाला पर आज हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धार-इंदौर हाई अलर्ट पर,सुरक्षा में 1200 जवान तैनात

Bhojshala Verdict Today, Security Tight

भोजशाला पर आज हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, धार-इंदौर हाई अलर्ट पर,सुरक्षा में 1200 जवान तैनात

धार भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले में आज हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है। धार और इंदौर में हाई अलर्ट, 1200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

भोजशाला पर आज हाईकोर्ट का बड़ा फैसला धार-इंदौर हाई अलर्ट परसुरक्षा में 1200 जवान तैनात

धार की विवादित भोजशाला -कमाल मौला मस्जिद मामले में आज मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच बड़ा फैसला सुना सकती है। वर्षों पुराने इस संवेदनशील विवाद में सुनवाई पूरी होने के बाद डबल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।फैसले से पहले धार और Indore में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार होने और जुमे की नमाज के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

भोजशाला में बढ़ाई गई सुरक्षा

धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना सुबह भोजशाला परिसर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके अंदर पहुंचने के बाद मुख्य गेट को बाहर से बंद कर दिया गया।परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। वहीं आसपास के मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया जा रहा है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

12 लेयर सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

धार पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन ने शहर को 12 सुरक्षा लेयर में बांटा है। रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलने से रोका जा सके।

2022 में दायर हुई थी याचिका

यह विवाद 2022 में तब फिर चर्चा में आया, जब हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण पूजा अधिकार देने की मांग की गई थी।याचिकाकर्ताओं ने नियमित पूजा-अर्चना, नमाज पर रोक, ट्रस्ट गठन और ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने जैसी मांगें रखी हैं।

हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने क्या दलीलें दीं?

हिंदू पक्ष ने भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर और विद्या केंद्र बताते हुए ASI सर्वे, स्थापत्य अवशेष और ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला दिया।

वहीं मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए।

 

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