मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में 8 से 10 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
धमाका इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
फैक्ट्री में काम कर रही थीं सैकड़ों महिलाएं
स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि यहां करीब 200 से अधिक महिलाएं कार्यरत थीं, जबकि कुल कर्मचारियों की संख्या 400 से 500 के बीच हो सकती है।हादसे के बाद तीन महिलाओं के लापता होने की भी सूचना सामने आई है। कई घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है। कुछ झुलसे लोग खुद पैदल बाहर निकलते दिखाई दिए।
धमाके से हिल गए आसपास के मकान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकान तक हिल गए। ग्रामीणों ने बताया कि लोग “पतंग की तरह” हवा में उछलते दिखाई दिए। फैक्ट्री के बाहर झुलसे लोगों के कपड़े त्वचा से चिपके नजर आए और कई लोग बदहवास हालत में बैठे दिखे।घटना के बाद मौके पर धुएं का गुबार उठता रहा। पुलिस और राहत दलों को फैक्ट्री परिसर के अंदर बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक भी मिला है।
सुरक्षा व्यवस्था और वैधता पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।बताया जा रहा है कि फैक्ट्री को बने अभी 6 से 8 महीने ही हुए थे और परिसर में निर्माण कार्य भी जारी था। स्थानीय लोगों ने कमिश्नर का घेराव कर अवैध संचालन और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
मार्च में भी हो चुका है हादसा
जानकारी के अनुसार इसी फैक्ट्री में मार्च महीने में भी ब्लास्ट की घटना हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब एक बार फिर हुए बड़े हादसे ने प्रशासनिक निगरानी और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन और राहत टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।