गरीब रथ एक्सप्रेस के इंजन में उठीं चिंगारी
शनिवार की ताज़ा सुबह राजस्थान के
Sendra (Beawar) रेलवे स्टेशन पर गुज़र रही
गरीब रथ एक्सप्रेस (12216) के इंजन में
तकरीबन 3 बजे अचानक धुआँ-धुआँ दृश्य दिखा। लोको पायलट की तुरंत बरती गई सावधानी और तेज़ी से की गई प्रतिक्रिया ने बड़ी दुर्घटना टाल दी। करीब
500 यात्री सुरक्षित बाहर निकाले गए और रेलवे अधिकारी स्थिति काबू करने में जुट गए।
धुआं दिखा तो बज गया अलार्म
सुबह लगभग
2:45 बजे, जैसे ही इंजन के दूसरे हिस्से में धुंआ दिखा, लोको पायलट ने फ़ौरन ट्रेन रोक दी और रेडियो से स्टेशनों को सूचना दी। ट्रेन संग्रहित हुई, तुरंत सुरक्षा प्रक्रिया आरंभ चालक दल ने सभी को पहचाना और धकेलकर उतारा।
इंजीनियरिंग टीमें पहुंचीं
तुरंत सूचना के बाद, अजमेर से इंजीनियर और सुरक्षा दल भेजे गए। स्टेशन परिसर में मौजूद स्थानीय फायर बल का तुरंत सक्रियता से संचालन शुरू हुआ।
आग बुझाने में रेल बजरी घायल थी बारिश से
बारिश होने से फायर टीम को आग बुझाने में लगभग
6 घंटे का संघर्ष करना पड़ा। सुबह
4:30 बजे दूसरा इंजन ब्यावर से लाया गया, ताकि ट्रेन को अजमेर की ओर खींचा जा सके। पूरी गाड़ियां सुरक्षित बचाकर हटाई गईं; ट्रैक सफाई के बाद ही सामान्य संचालन शुरू हुआ।
रेलवे ने अन्य ट्रेनों की गति घटाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए
राजनीतिक विमर्श रोका गया, कई ट्रेनों को
Sendra से कम स्पीड से गुजरने की हिदायत दी गई। रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी, और उन्होंने तत्काल
स्टॉपेज कम कर दूसरी गाड़ियों का परिचालन सुरक्षित बना दिया।
क्या था कारण?
राजस्थान रेलवे प्रवक्ता का बयान:
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट‑सर्किट या तकनीकी खराबी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। इंजन (इलेक्ट्रिक मॉडल) में लगी आग पर आगे की जांच जारी है।
ट्रेन की जानकारी
- ट्रेन 12216 Garib Rāth Express मुंबई (Bandra Terminus) ↔ दिल्ली (Sarai Rohilla Junction)
- अहम मार्ग: बाड़मेर → अजमेर → दिल्ली तक
- आग लगने के समय सड़क में रुकावट नहीं थी, लेकिन गश्त तेज़ थी जिससे दुर्घटना टली ।
यात्रियों की सुविधा और राहत
500+ यात्री सुरक्षित ट्रैक करने के बाद अजमेर के निकट तक पहुंचाए गए। रेलवे ने
वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए और यात्रियों की अगली यात्रा सुनिश्चित की

सेंदड़ा स्टेशन पर गरीब रथ एक्सप्रेस के इंजन में लगी आग की घटना एक
खूंखार दुर्घटना से एक बड़ी घटना बनकर रह गई जिसे लोको पायलट और रेलवे अधिकारियों की सतर्कता ने टाल दिया। यात्रियों की सुरक्षा और समय रहते उद्घाटित ठोस कदम इस घटना को एक सीख दे गई।