NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की जांच लगातार खुलासे हो रहे है। इस मामले में जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी एक ही परिवार के 3 सदस्यों समेत कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे राजस्थान में सनसनी फैला दी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गुरुग्राम से लाखों रुपये में पेपर खरीदा और फिर उसे सीकर में अभ्यर्थियों को बेच दिया था।
7 लोग गिरफ्तार
NEET पेपर लीक मामले में 3 राज्यों से अब तक 7 लोगों को पकड़ा जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र से 3, राजस्थान से 3 और हरियाणा का 1 युवक शामिल है। बुधवार को महाराष्ट्र के पुणे से एक महिला और अहिल्यानगर का युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि महिला का नाम मनीषा वाघमारे है, जो ब्यूटीशियन का काम करती है। अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे (26) को पकड़ा गया। 12 मई को नासिक से शुभम खैरनार को हिरासत में लिया जा चुका है। CBI तीनों से पूछताछ कर रही है।

फर्जीवाड़े का खुलासा
राजस्थान SOG के मुताबिक, राजस्थान में करीब 1000 कैंडिडेट तक ये पेपर पहुंचा था। SOG ने गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट यश यादव को हिरासत में लिया। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। CBI जांच के मुताबिक जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल ने गुरुग्राम के यश नामक व्यक्ति से करीब 30 लाख रुपये में NEET UG 2026 का पेपर खरीदा था। इसके बाद इस पेपर को सीकर में अभ्यर्थियों को बेचा था। जांच एजेंसियों का यह दावा है कि व्हाट्सएप पर भेजे गए ‘गेस पेपर’ और सीकर से जुड़े ईमेल के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
परिवार के 4 बच्चों का सिलेक्शन
इस मामले में एक और खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक पिछली बार भी मांगीलाल और दिनेश के परिवार से 4 बच्चों का NEET में चयन हुआ था। इनमें मांगीलाल का बेटा विकास, उसकी बेटी और परिवार की 2 अन्य बेटियां शामिल थीं। चारों बच्चों ने सीकर से कोचिंग ली थी। अब जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी ध्यान दे रही हैं कि क्या पिछली बार भी किसी तरह की गड़बड़ी या पेपर खरीदने जैसी घटना हुई थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। पूरी खबर......