अमेरिका में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा है कि राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी नहीं रख सकते। यह प्रस्ताव 215-208 वोटों से पास हुआ, जिसमें चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रम्प के खिलाफ मतदान किया।
प्रस्ताव की बड़ी बातें
प्रस्ताव के अनुसार, ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई के लिए ट्रम्प प्रशासन को कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। यदि मंजूरी नहीं मिलती है तो अमेरिकी सैन्य बलों को वापस बुलाने की सिफारिश की गई है। अब यह प्रस्ताव सीनेट में जाएगा। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम मंजूरी मिलने की स्थिति में भी ट्रम्प इसे वीटो कर सकते हैं।यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रम्प ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला पूरी तरह उनका अपना था और किसी ने उन्हें इसके लिए प्रभावित नहीं किया। लेकिन हाउस में हुए मतदान को रिपब्लिकन पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति और युद्ध को लेकर अमेरिकी जनता की चिंता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हमला, भारतीय नागरिक की मौत
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा और उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं।
लेबनान में सीजफायर के बावजूद हमले
अमेरिकी मध्यस्थता से इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू करने पर सहमति बनी है, लेकिन इसके कुछ घंटों बाद ही दक्षिणी लेबनान में इजराइली ड्रोन हमले की खबर सामने आई। वहीं हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच तनाव पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा है।
तेल बाजार पर भी असर
इजराइल-लेबनान सीजफायर की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव घट सकता है।