भोपाल। 'अगर हम टाइम मैनेजमेंट करें, एक दिनचर्या बनाएं, तो सारे कामों को सहजता से कर सकते हैं। आपके पास पूरे साल का सिलेबस होता है, इसे आप अच्छे से पढ़ लेते हो, तो आपको परीक्षा के वक्त तनाव नहीं आएगा। हमारा सोना-खाना-पीना जितना जरूरी है, उतना ही व्यायाम और पढ़ना जरूरी है। मैं बाकी कामों के साथ योग और व्यायाम जरूर करता हूं। मुझे कोई डायबिटीज नहीं, हार्ट की बीमारी नहीं और आंखों पर चश्मा भी नहीं है।' यह वह टिप्स हैं, जो मध्यप्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को दिए। वे 16 अगस्त को भोपाल के निजी विश्वविद्यालय में पूज्य संत दादागुरु महाराज के सानिध्य में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में युवाओं के सवालों का जवाब दे रहे थे। कार्यक्रम को दादागुरु महाराज ने भी संबोधित किया।
एक सवाल के जवाब में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के पहले और आजादी के बाद भी, हम सभी का सपना होता था कि पढ़-लिखकर करियर बनाएं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारकों का अगर आप इतिहास देखें तो पता चलेगा कि वो हमसे ज्यादा कई गुना पढ़े-लिखे हैं। वे राष्ट्र कार्य के लिए पूरा जीवन कुर्बान कर देते हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का यह शताब्दी वर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने उस वक्त मेडिकल की पढ़ाई की, जब यह सामान्य बात नहीं होती थी। उन्होंने डॉक्टरी के प्रोफेशन को अपनाने के बजाए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बनाया और राष्ट्र की सेवा की। संघ की परंपरा इसी तरह की है।
युवा नौकरी पाने वाले नहीं, देने वाले बनें
एक युवा ने सवाल किया कि आपने वर्ष 2027 को युवा वर्ष घोषित किया है। आपकी युवाओं से क्या अपेक्षा है? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि विश्वामित्र जब भगवान राम के घर आए। उन्होंने राक्षसों का नाश करने के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांग लिया। भगवान राम उस वक्त युवा थे और उन्होंने निशाचरों का नाश कर दिया। सीता स्वयंवर के वक्त दुनिया ने भगवान राम का दूसरा रूप देखा। इसी तरह भगवान श्री कृष्ण ने कंस को उसके घर में मारा। चंद्र शेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस जैसे देशभक्तों ने देश को आजादी दिलाई। आज भारत सबसे युवा देश है। आज भारत में जो क्षमता-योग्यता है, वो दुनिया के किसी और देश के पास नहीं है। इसलिए हमने 2027 को युवा वर्ष घोषित किया है। हमारे युवा नौकरी पाने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का युवा देश ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार युवाओं के लिए कई तरह से काम कर रही है। हमारी भावी पीढ़ी ही माता-पिता के सपनों को साकार करती है। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे युवा प्रदेश के साथ-साथ देश को भी आगे ले जाएंगे।
हेल्थ पर कैसे दें ध्यान
एक छात्र ने सवाल पूछा कि आप पूरा राज्य देखते हैं, आपका शिड्यूल बहुत बिजी है। फिर आप हेल्थ कैसे ध्यान दे लेते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट के बलबूते हम सारा काम सहजता से कर सकत हैं। आपके पास पूरे साल का सिलेबस होता है, इसे आप अच्छे से पढ़ लेते हो तो आपको परीक्षा के वक्त तनाव नहीं आएगा। इसी तरह हमारा सोना-खाना-पीना जितना जरूरी है, उतना ही व्यायाम और पढ़ना जरूरी है। मैं बाकी कामों के साथ योग और व्यायाम जरूर करता हूं। मुझे कोई डायबिटीज नहीं, हार्ट की बीमारी नहीं और आंखों पर चश्मा भी नहीं है।
एक साथ कई चीजों को कैसे संभालें
एक छात्रा ने पूछा कि आपके पास पूरी जनता की जिम्मेदारी है, फिर भी आप कई चीजों के लिए समय कैसे निकाल लेते हैं? इस सवाल के जवाब में सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमें अपने काम के प्रति एकाग्रता की जरूरत है। मैं फर्स्ट इयर में जॉइंट सेक्रेटरी बना, तब मैं पढ़ भी रहा था, चुनाव भी लड़ रहा था और दुकान भी संभाल रहा था। हमें टाइम मैनेजमेंट करना जरूरी है। जब मैं उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष था तब एमए पॉलिटिकल साइंस में कर लिया। मैं जब टूरिज्म कॉर्पोरेशन का चेयरमैन बना तब एमबीए कर लिया। उसके बाद मैंने पीएचडी की। हमें पढ़ाई के साथ-साथ दूसरी विधा के लिए टाइम मैनेजमेंट करना बहुत जरूरी है। हमें जीवनभर पढ़ना चाहिए।
उद्योग पर सरकार का फोकस
एक छात्र ने सवाल किया कि आप औद्योगिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। इससे युवाओं को कितना लाभ होगा? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारे राज्य में जितनी भी संभावनाएं हैं, हम उन सब पर काम कर रहे हैं। हमने हैवी इंडस्ट्री में नई तकनीक के आधार पर काम किया है। हमारे यहां माइनिंग से लेकर कई चीजों में संभावनाएं हैं। अगर आप लघु उद्योग इकाई लगाते हो तो हम भूमि-बिजली-पानी-रजिस्ट्रेशन का शुल्क, ब्याज की छूट देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप रोजगारपरक उद्योग लगाते हो तो हम प्रति लेबर 5 हजार महीना दस साल तक देने को भी तैयार हैं। हम रोजगारपरक काम को बढ़ावा दे रहे हैं। हम लोगों की जिंदगी बेहतर करने पर काम कर रहे हैं। उसमें भी हमारा प्रयास है कि बहनों को काम मिले। उन्होंने कहा कि हम लाड़ली बहनों को 1500 रुपये देते हैं, लेकिन अगर लाड़ली बहना उद्योग में काम करेगी तो हम उसे 5 हजार रुपये देने को तैयार हैं। इसके बाद जो राशि शेष बचेगी वो उद्योगपति देगा। इस प्रकार लाड़ली बहना को करीब 15 हजार रुपये कमाने का अवसर मिलेगा।
निवेश का आकर्षक डेस्टिनेशन है एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने लेबर एक्ट में संशोधन किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जो-जो बदलाव कराए, उन्हें हमने तुरंत स्वीकार किया। लेबर एक्ट कहता है कि एक व्यक्ति 8 घंटे काम करेगा, लेकिन अगर कोई कहे कि मैं 12 घंटे काम कर सकता हूं, तो उसे हफ्ते में तीन दिन आराम करने का मौका मिल जाएगा। वह अपने घर भी जा सकता है। हमारी सरकार कहती है कि अगर कोई उद्योग में एक्स्ट्रा टाइम काम कर रहा है, तो उसे ज्यादा परेशानी न हो। जब से हमारी सरकार बनी है, तब से उद्योगों को लेकर योजना बना रही है। आज देश में सबसे तेजी से उद्योग मध्यप्रदेश में स्थापित हो रहे हैं। अब हम ग्लोबर इंवेस्टर्स समिट (GIS) दूसरी बार भोपाल में करने जा रहे हैं। भोपाल निवेश की दृष्टि से आकर्षक डेस्टिनेशन बन गया है। उद्योग रोजगार पाने वालों का नहीं, रोजगार देने वालों का मार्ग है। हम अपने युवाओं को उद्योगपति बनाना चाहते हैं।