भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार नए पहलुओं की ओर बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के गुप्तांग का हिस्सा तालाब में फेंके जाने की बात सामने आई थी। अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी जोहेब के खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना मिली थी, लेकिन पुलिस की तस्दीक में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है।
आर्थिक लालच बना जांच का अहम एंगल
पुलिस अब सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन-देन हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति ने आरोपियों को कोई रकम दी थी या नहीं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि हत्या के पीछे आर्थिक लालच की भूमिका कितनी थी और क्या आरोपियों का किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क था, जिसने वारदात के लिए उन्हें पैसे देने का वादा किया था।
आरोपियों को नहीं दिखा पछतावा
पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों के व्यवहार से भी हैरान करने वाली जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी जोहेब, आमिर और तीन विधि-विरुद्ध बालकों के व्यवहार में घटना को लेकर पछतावा नजर नहीं आया। पूछताछ के दौरान आरोपी कथित तौर पर घटना का विवरण सामान्य तरीके से बता रहे थे और उनके चेहरे पर तनाव या पश्चाताप नहीं दिखा। पुलिस अब उनके व्यवहार और आपसी संपर्कों का भी विश्लेषण कर रही है।
5 अगस्त को रची थी साजिश
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर 5 अगस्त को वारदात की साजिश रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात 100 रुपए देने का लालच देकर किशोर को सुनसान स्थान पर ले जाया गया। किलोल पार्क के पास उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गुप्तांग का हिस्सा निकालने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था, जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक नाबालिग अपने साथ लेकर आया था।
तीन बार तालाब में सर्चिंग
हत्या के बाद किशोर के काटे गए अंग अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस छोटे तालाब में तीन बार सर्चिंग कर चुकी है। हर बार उसी इलाके के आसपास तलाश की गई, जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात बताई थी। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली, लेकिन उसके अंदर बताए गए अंग नहीं मिले। इसके बाद पुलिस पानी के बहाव और अन्य संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
डी-कम्पोज होने की आशंका
पुलिस को यह आशंका भी है कि कई दिनों तक पानी में पड़े रहने के कारण अंग डी-कम्पोज हो गए हों। तालाब में मौजूद जीव-जंतुओं और पानी के बहाव से भी उनके क्षतिग्रस्त होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। पानी की गहराई, बहाव और आसपास की स्थिति की भी जांच की जा रही है, ताकि आगे की सर्चिंग को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा सके।
डिजिटल गतिविधियों से भी सुराग की तलाश
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों, आपसी बातचीत और वारदात से पहले तथा बाद में किए गए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क था या नहीं और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है।
अंगों की बरामदगी बनी बड़ी चुनौती
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के काटे गए अंगों की बरामदगी है। तीन बार तालाब की सर्चिंग के बावजूद सफलता नहीं मिलने से जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई है। पुलिस अब आरोपियों के बयानों, बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल गतिविधियों और वैज्ञानिक जांच को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है। एसीपी संतोष पटेल के अनुसार, सभी आरोपियों के खातों की जांच जारी है और आर्थिक लेन-देन से जुड़े हर संभावित सुराग को खंगाला जा रहा है।