घर को सजाने के लिए लंबे समय से दो अलग-अलग ट्रेंड लोगों के बीच लोकप्रिय रहे हैं। एक तरफ मिनिमलिज्म, जिसमें कम सामान और सादगी को महत्व दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ मैक्सिमलिज्म, जिसमें रंगों, पैटर्न और सजावटी चीजों का खुलकर इस्तेमाल किया जाता है। अब होम डेकोर में इन दोनों स्टाइल्स को मिलाकर सजावट करने का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

सादगी के साथ रंगों का तड़का
मिनिमलिज्म का मतलब सिर्फ खाली और बिल्कुल सादा घर नहीं है। इसमें जरूरी फर्नीचर, साफ-सुथरी जगह और सीमित सजावटी सामान पर ध्यान दिया जाता है। वहीं मैक्सिमलिज्म घर में अलग-अलग रंगों, कलाकृतियों, कुशन, कालीन और सजावटी वस्तुओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है। नया ट्रेंड इन दोनों के बीच संतुलन बनाने पर जोर देता है।

एक कमरे में एक खास हिस्सा
इस मिश्रित शैली को अपनाने का सबसे आसान तरीका है कि कमरे का बेस सादा रखा जाए और किसी एक हिस्से को आकर्षक बनाया जाए। जैसे हल्के रंग की दीवारों के साथ रंगीन चित्र, बड़े आकार का शीशा या आकर्षक सजावटी सामान रखा जा सकता है। इससे घर ज्यादा भरा हुआ भी नहीं लगेगा और उसमें व्यक्तित्व भी नजर आएगा।

फर्नीचर कम, सजावट खास
इस ट्रेंड में जरूरत से ज्यादा फर्नीचर रखने के बजाय कुछ चुनिंदा चीजों को जगह दी जाती है। सोफे और टेबल को साधारण रखा जा सकता है, जबकि कुशन, पर्दे, फूलदान या दीवार पर लगी कलाकृतियों के जरिए रंग और डिजाइन जोड़ा जा सकता है।
घर में दिखेगा अपना अंदाज
मिनिमलिज्म और मैक्सिमलिज्म का यह मेल उन लोगों के लिए खास है जो सादगी भी पसंद करते हैं और घर में रंग व रचनात्मकता भी चाहते हैं। इस ट्रेंड की खासियत यही है कि इसमें किसी एक नियम का पालन जरूरी नहीं है। अपनी पसंद के रंग, वस्तुएं और सजावट चुनकर घर को आरामदायक होने के साथ-साथ खूबसूरत और व्यक्तिगत बनाया जा सकता है।