बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए अमिताभ बच्चन ने बताया कि उन्हें इंडस्ट्री में कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था।

लंबाई और लुक्स को लेकर उठते थे सवाल
‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में अमिताभ बच्चन ने अपने शुरुआती करियर से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि उस समय उनकी लंबाई और लुक्स को लेकर लोग उन्हें लेकर आश्वस्त नहीं थे। इंडस्ट्री में उनकी अलग तरह की पर्सनैलिटी को लेकर भी सवाल उठाए जाते थे।
अमिताभ ने बताया कि उन्हें कई बार ऐसा सुनने को मिला कि उनके साथ कोई हीरोइन काम नहीं करना चाहेगी। उस दौर में उन्हें एक पारंपरिक फिल्मी हीरो के तौर पर स्वीकार करना आसान नहीं था।

लगातार रिजेक्शन के बावजूद नहीं मानी हार
अमिताभ बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद लगातार काम पाने के लिए संघर्ष किया। उनकी आवाज, लंबाई और स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर भी कई तरह की राय सामने आती रही। हालांकि, इन तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से पीछे हटने के बजाय लगातार मेहनत जारी रखी।
शुरुआती फिल्मों में उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी एक्टिंग ने दर्शकों और फिल्ममेकर्स का ध्यान खींचना शुरू किया।

‘एंग्री यंग मैन’ ने बदली तस्वीर
अमिताभ बच्चन के करियर में 1970 का दशक बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। ‘जंजीर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक अलग पहचान दी और वह बॉलीवुड के ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में मशहूर हो गए। इसके बाद ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों ने उनकी स्टार पावर को और मजबूत किया।
आज अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित कलाकारों में गिने जाते हैं। फिल्मों के साथ-साथ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने भी उनकी लोकप्रियता को नई पीढ़ी तक पहुंचाया है। उनके संघर्ष की यह कहानी बताती है कि शुरुआती रिजेक्शन किसी के पूरे करियर का फैसला नहीं करते।