भोपाल के मिसरोद इलाके में नवविवाहिता मोना डांगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मोना के भाई आदित्य डांगी ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। भाई के मुताबिक मौत से पहले ससुराल पक्ष की एक महिला सदस्य कीर्तिका ने रात करीब 2 बजे उसे मैसेज किया था। इसमें कथित तौर पर मोना को ससुराल से ले जाने की बात कही गई थी और ऐसा नहीं करने पर उसकी जान को खतरा बताया गया था। आदित्य का कहना है कि यह मैसेज उसके मोबाइल में सुरक्षित है और वह इसे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
दो महीने पुराने वीडियो में दिखे चोट के निशान, परिजनों ने लगाए मारपीट के आरोप
मोना की मौत के बाद एक अन्य परिजन ने उसका करीब दो महीने पुराना वीडियो भी सामने रखा है। परिजनों का दावा है कि वीडियो में मोना के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनका आरोप है कि यह वीडियो पति द्वारा उसके साथ कथित मारपीट किए जाने के बाद का है। भाई ने आवेदन में दावा किया है कि शादी के बाद से ही मोना को पति, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार के अनुसार पिछले करीब दो वर्षों से दहेज को लेकर विवाद चल रहा था। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मोना ने कई बार मायके वालों से अपनी परेशानी साझा की थी और कथित तौर पर कहा था कि अगर उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए ससुराल पक्ष के लोग जिम्मेदार होंगे। हालांकि पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
ढाई साल पहले हुई थी शादी, कार की मांग समेत कई गंभीर आरोप
पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक मोना की शादी करीब ढाई साल पहले सिद्धार्थ डांगी से हुई थी। भाई आदित्य ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर लगातार विवाद किया जाता था। आवेदन के मुताबिक 6 अक्टूबर की शाम करीब 6 से 6:30 बजे मोना ने परिवार के लोगों से बातचीत की थी। इसी दौरान उसकी सास द्वारा कार की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे कार दे सकें। इसके अलावा आदित्य ने अपने बहनोई सिद्धार्थ के किसी अन्य महिला से कथित संबंध होने का भी दावा किया है। उसने कहा है कि इससे जुड़े कुछ साक्ष्य उसके पास मौजूद हैं, जिन्हें जांच के दौरान पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा। परिवार ने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मोना पर परिवार के ही एक सदस्य से शारीरिक संबंध बनाकर संतान पैदा करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
पति का दावा- रात करीब 8:30 बजे मोना ने फांसी लगाई
वहीं, मोना के पति सिद्धार्थ की ओर से बताया गया कि रात करीब 8:30 बजे मोना ने फांसी लगा ली थी। उसके मुताबिक उस समय घर में वह और उसका भांजा अनुज मौजूद थे। दोनों ने मोना को फंदे से नीचे उतारा और बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि अगर घटना रात करीब 8:30 बजे हुई थी तो मोना को अस्पताल करीब 10:30 बजे क्यों ले जाया गया। अस्पताल पहुंचाने में करीब दो घंटे की देरी को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से घटना के समय घर में मौजूद लोगों की भूमिका और बयान की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
मोबाइल चैट से लेकर CCTV तक सुरक्षित रखने की मांग
मोना के भाई आदित्य ने पुलिस को दिए आवेदन में मामले से जुड़े सभी संभावित डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। इसमें मोना का मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, वॉट्सऐप चैट, सोशल मीडिया संदेश, CCTV फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा IVF उपचार से जुड़े दस्तावेज भी सुरक्षित रखने की मांग की गई है। भाई ने पति, ससुर, सास और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ करने की मांग करते हुए कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि मौत को सिर्फ आत्महत्या मानकर जांच को सीमित नहीं किया जाना चाहिए और मोना की मौत से पहले की परिस्थितियों की भी पूरी जांच होनी चाहिए।
पुलिस बोली- शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला, आगे ACP करेंगे जांच
मिसरोद थाना प्रभारी विमलेश कुमार राय ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का नजर आ रहा है। हालांकि मामला नवविवाहिता की मौत से जुड़ा होने के कारण पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। घटनास्थल से सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है। पुलिस अब मौत से पहले के घटनाक्रम, परिवार के सदस्यों के बयान, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच करेगी। नवविवाहिता की मौत होने के कारण आगे की जांच ACP स्तर के अधिकारी करेंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।