मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में विकसित किया जा रहा आईटी पार्क युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और नई तकनीकों से जुड़ने के नए अवसर पैदा करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
आईटी पार्क के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विस्तार को गति देना है।
आईटी क्षेत्र के विस्तार से युवाओं को मिलेगा लाभ
डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीक और नवाचार के माध्यम से मध्यप्रदेश के विकास को नई गति दी जा सकती है। आईटी क्षेत्र के विस्तार से प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आईटी पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए शहर के विकास और आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का जोर आधुनिक सुविधाओं के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर है।
दो चरणों में होगा आईटी पार्क का निर्माण

आईटी पार्क परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। इसके लिए करीब 2.16 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है। परियोजना के तहत कुल 15,480 वर्गमीटर का बिल्ट-अप एरिया विकसित किया जाना है। इसमें 11,436 वर्गमीटर क्षेत्र आईटी कंपनियों के लिए आरक्षित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे हों।
PM एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल और महाकाल भक्त निवास की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने दोनों परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इनका लाभ आमजन और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सके।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंदौर रोड स्थित महामृत्युंजय द्वार का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें द्वार की निर्माण विशेषताओं और परियोजना से जुड़ी जानकारी दी। इस दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को आईटी पार्क के निर्माण और अब तक हुई प्रगति से अवगत कराया।