उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया। मुख्य सेवक सदन में हुई बैठक में सीएम धामी ने साफ कहा कि दायित्वधारी सरकार और जनता के बीच सबसे अहम कड़ी हैं। उनकी जिम्मेदारी सिर्फ सरकारी योजनाओं का प्रचार करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याएं और सुझाव भी राज्य सरकार तक पहुंचाना है।
'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार'
बैठक को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के महीनों में प्रदेश सरकार लगातार 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' जैसे अभियानों के जरिए ग्राउंड कनेक्ट मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में दायित्वधारियों को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संदेश संगठन और राज्य सरकार के समन्वय की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
समाधान की प्रक्रिया तेज
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि दायित्वधारियों की भूमिका केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं है। उन्हें जनता की शिकायतें, सुझाव और स्थानीय समस्याएं धामी सरकार तक पहुंचाकर समाधान की प्रक्रिया को तेज करना होगा। राज्य सरकार पहले से 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' जैसे अभियानों पर जोर दे रही है। यह बैठक उसी रणनीति की अगली कड़ी मानी जा रही है, ताकि प्रशासन और सरकार की पहुंच गांव और वार्ड तक बनी रहे।
इस अवसर पर सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखने, उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने तथा विकास कार्यों को गति देने का आह्वान किया। pic.twitter.com/UtX8fwLTxv
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 2, 2026
CM ने दी जिम्मेदार
मुख्यमंत्री धामी ने दायित्वधारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार संवाद बनाए रखने, लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने और विकास कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही सरकार का लक्ष्य विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को भी कहा गया।