एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर रहे है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं के स्वागत में निकल रहे गाड़ियों के काफिले उस अपील को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। बता दें कि भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन यादव के प्रथम भिंड आगमन पर शहर में 120 से अधिक गाड़ियों का लंबा काफिला देखने को मिला। ग्वालियर से भिंड काफिले के चलते कई जगह सड़कें जाम हो गईं और आम जनता को भी परेशानी हुई. जिसके कारण लोग घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे, जबकि समर्थक गाड़ियों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सीमित वाहनों के साथ नजर आए। वह दो गाड़ियों के साथ दिखाई दिए थे, जिसे पेट्रोल-डीजल बचत की मिसाल के रूप में देखा गया। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों और नेताओं को प्रधानमंत्री की अपील का पालन कराने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर नेताओं के काफिले और शक्ति प्रदर्शन कम होने का नाम नहीं ले रहे।
सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त
इस वीडियो के वायरल होने के बाद यादव पर सख्त कार्रवाई की गई,और उनकी नियुक्ति निरस्त की गई। निरस्ती आदेश में लिखा गया कि ग्वालियर से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ भिण्ड तक किसान मोर्चा की रैली का आयोजन किया गया। आपका यह कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऊर्जा बचत के लिए की गई अपील की अवहेलना है। प्रदेश संगठन ने आपके इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है। सज्जन सिंह यादव जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा भिण्ड की नियुक्ति निरस्त की जाती है।
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