चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में जारी आदेश आज रात से लागू हो जाएगा। मानसून की संभावित दस्तक और पहाड़ी रास्तों पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन ने यह प्रतिबंध लागू किया। प्रशासन का कहना है कि रात के वक्त भूस्खलन, बोल्डर और पत्थर गिरने की घटनाओं के साथ सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
रात के वक्त विजिबिलिटी कम
गढ़वाल मंडल आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के बाद टिहरी, देवप्रयाग, मुनिकीरेती, ढालवाला और चंबा समेत चारधाम यात्रा के पड़ावों पर बैरियर लगाकर वाहनों को रोका जाने लगा है। मौसम विभाग ने 15 से 20 जून के बीच प्रदेश में मानसून पहुंचने की संभावना जताई है। ऐसे में यात्रा सीजन के चरम पर किसी भी बड़े हादसे से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में रात के वक्त विजिबिलिटी कम होने, चालकों की थकान बढ़ने और अचानक मौसम खराब होने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी वजह से यात्रियों को रात में यात्रा करने के बजाय ठहरने और सुबह 4 बजे के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

15 से 20 जून के बीच मानसून
मौसम विभाग ने 15 से 20 जून के बीच उत्तराखंड में मानसून पहुंचने की आशंका जताई है। मानसून के दौरान चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन, मलबा आने, बोल्डर और पत्थर गिरने के हादसे तेजी से बढ़ जाते हैं। कई बार अचानक सड़कें बंद हो जाती हैं और गाड़ियां घंटों तक फंस जाते हैं। रात के वक्त ऐसे जोखिम और बढ़ जाते हैं, इसलिए प्रशासन मानसून से पहले ही अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।