प्रदर्शन के कारण और प्रतिक्रिया
करणी सेना ने अपने मांगपत्र में सामाजिक न्याय, युवाओं को रोजगार, क्षत्रिय समाज के अधिकारों को लेकर कई मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से उनकी आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है, जो अब विस्फोटक रूप ले चुकी है। प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और आम जनता से संयम बरतने की अपील की है।
EWS आरक्षण
क्रांति सम्मेलन में क्षत्रिय समाज ने EWS आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 20% किए जाने की प्रमुख मांग की। गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने और अवैध तस्करी व हत्या पर कठोर कानून की मांग की गई। जनसंख्या के अनुपात में विधानसभा, लोकसभा और संगठनात्मक पदों पर उचित जगह मांगी गई। साथ ही एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग रोकने और गिरफ्तारी केवल जांच के बाद होने का प्रावधान हो, यह मांग भी की गई।
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MSP का मुद्दा उठाया
क्षत्रिय समाज ने स्थायी भर्ती प्रणाली फिर शुरू करने और अग्नि वीरों को स्थायी सेवा और पेंशन देने की मांग भी की। सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी और नुकसान पर पूरा मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया।
करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष बोले- भोपाल को नेपाल बना देंगे
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने कहा- हमने सीएम ऑफिस को दोपहर 2 बजे तक किसी अधिकारी को भेजने का अल्टीमेटम दिया था, नहीं तो हम सीएम हाउस कूच करेंगे। उसी क्रम में हम अब ज्ञापन देने सीएम हाउस की ओर जा रहे हैं।
यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। हमारी मांग है कि हरदा प्रकरण में कलेक्टर और एसपी को निलंबित किया जाए। अभी यह हमारी विनम्र अपील है, आगे देखिएगा हमें भोपाल को नेपाल बनाने में देर नहीं लगेगी।
करणी सेना का प्रदर्शन
करणी सेना का यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीतिक राजनीति और सामाजिक स्थिति पर भी प्रश्न चिन्ह लगाने वाला है। उनकी इस चेतावनी से सरकार की चिंता बढ़ गई है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
यह घटना मध्य प्रदेश की राजधानी में सामाजिक व राजनीतिक तनाव के संकेत के रूप में देखी जा रही है।