पंजाब में वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को साफ कहा है कि राज्य में किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (AAP) विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान हर स्तर पर निगरानी रखेगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और फर्जी वोट जोड़ने की शिकायतें सामने आई हैं, इसलिए पंजाब सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है।
“किसी असली वोटर का नाम नहीं कटेगा”, बोले मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर करती है। यदि मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं तो जनता का भरोसा भी कमजोर होता है। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।
भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि मृत व्यक्तियों या विदेश की नागरिकता लेने के बाद स्थायी रूप से बाहर बस चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, लेकिन पंजाब के वास्तविक निवासियों को किसी भी हालत में मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
सीएम मान
83 प्रतिशत वोटर मैपिंग पूरी
मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य में अब तक लगभग 83 प्रतिशत वोटर मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहें।