Kala Ashtami 2026: सनातन धर्म में हर माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा-अर्चना और व्रत का विशेष महत्व होता है। इस साल ज्येष्ठ मास की कालाष्टमी 08 जून 2026 को पड़ रही है।
इस बार अधिकमास चल रहा है, इसलिए इस कालाष्टमी का महत्व और भी बढ़ जाता है। 3 साल में एक बार आने वाली इस कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनि-राहु-केतु के दोषों से मुक्ति मिलती है।
इस दिन न करें ये गलतियां
कुत्ते को जूठा भोजन न खिलाएं
कालाष्टमी के दिन गलती से भी कुत्ते को जूठा भोजन न दें। ऐसा करने से काल भैरव का अपमान माना जाता है और दोष लगता है। इस दिन काले कुत्ते को मुलायम रोटी, गुड़ या मीठे बिस्कुट अवश्य खिलाएं।
मांसाहार और शराब से रहें दूर
व्रत रखने वाले या न रखने वाले सभी लोगों को इस दिन मांसाहार और शराब का सेवन पूरी तरह avoided करना चाहिए। इससे नुकसानदायक परिणाम हो सकते हैं।
नमक का सेवन न करें
जो लोग व्रत रख रहे हैं, उन्हें भूलकर भील इस दिन नमक नहीं खाना चाहिए। नमक खाने से व्रत भंग हो जाता है और अशुभ फल मिलते हैं।

कुत्ते को जूता-चप्पल न मारें
सनातन धर्म में कुत्ता भगवान काल भैरव का वाहन और प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन कुत्ते को जूता-चप्पल न दिखाएं, न मारें और न ही उसे कोई चोट पहुंचाएं।
कालाष्टमी पर अवश्य करें ये काम
काले कुत्ते को दूध पिलाएं या दूध-रोटी खिलाएं। काल भैरव मंदिर में सरसों के तेल का दीया जलाएं। छोटे बच्चों को उनकी पसंदीदा वस्तुएं दान करें। मंदिर में उड़द की दाल, काले तिल और सरसों का तेल दान करें।
मान्यता है कि इन कार्यों से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं और जीवन के संकटों तथा बाधाओं को दूर करते हैं। 8 जून 2026 को पूरे विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करें और इन बातों का विशेष ध्यान रखें।