तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEमृT की तैयारी कर रही 19 साल की अनुकीर्तना ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले उसने अपने रिश्तेदारों को Whatsapp पर लिखा कि मुझे दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। मेरे पिता ने मुझ पर बहुत पैसा खर्च किया। मैं उनका सामना कैसे कर पाऊंगी।
परीक्षा रद्द,छात्रा ने किया सुसाइट
मृतका ने आगे लिखा कि मैं मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। उसके पिता ट्रेड यूनियन के जिला सचिव के पद पर तैनात है। परिवार में उनकी 2 बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद अनुकीर्तना का शव लेने से मना किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। बाद में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद बुधवार रात उन्होंने शव लिया।
डॉ बनने का सपना
परिजनों के मुताबिक, वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन पेपर लिक के बाद जब 21 जून को दोबारा एगजाम कराने की घोषणा की गई तो वह बेहद परेशान गई। अनुकीर्तना ने एट्टीमडई के एक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई अच्छे अंकों के साथ पूरी की थी। डॉक्टर बनने के लिए उसने शहर के NEET कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था। इसी बीच, CPM की जिला समिति के सदस्यों ने ESI अस्पताल परिसर में NEET के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रा ने NEET पास कर BDS सीट हासिल की थी, लेकिन वह MBBS सीट के लिए तैयारी कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा का मोबाइल जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है।
फंदे पर लटकी मिली रिया
16 जून को देहरादून की रिया का शव उनके घर में मिला था। रिया NEET की तैयारी कर रही थीं और पढ़ाई करने के साथ-साथ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी परीक्षा फीस और किताबों का खर्च उठाती थी। मंगलवार को रिया के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसकी मां ने गेट खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो पिता को बुलाया। पिता ने दरवाजा खोला तो अंदर रिया फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पढ़ाई में सफलता ना मिलने का जिक्र किया।