भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट तय, कारोबार को मिलेगा नया उड़ान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 जुलाई 2025 को दो दिवसीय दौरे पर ब्रिटेन रवाना हो गए हैं। यह उनकी चौथी ब्रिटिश यात्रा है और पहली बार वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के न्योते पर वहां पहुंचे हैं। इस अहम दौरे में वे ब्रिटिश सम्राट किंग चार्ल्स से भी मुलाकात करेंगे।
इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण है भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), जिसकी लीगल प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे कैबिनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है।
क्या है FTA और क्यों है यह डील ऐतिहासिक?
Free Trade Agreement (FTA) एक ऐसा समझौता होता है जिसमें दो देश आपस में व्यापार को आसान बनाते हैं। इसके तहत आयात और निर्यात पर लगने वाले टैक्स घटते हैं या हट जाते हैं।
भारत और UK के बीच इस समझौते का मकसद है—
- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 120 अरब डॉलर पहुंचाना
- भारतीय लेबर-इंटेंसिव प्रोडक्ट्स को ब्रिटेन में टैक्स फ्री एक्सेस देना
- ब्रिटिश उत्पादों को भारत में सस्ते दाम पर उपलब्ध कराना
भारत में क्या-क्या सस्ता होगा?
इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आने वाले कई हाई-एंड प्रोडक्ट्स अब भारत में पहले से सस्ते मिल सकते हैं:
- लक्ज़री कारें जैसे Jaguar, Land Rover पर टैक्स घटेगा
- स्कॉच व्हिस्की और वाइन टैरिफ में बड़ी राहत, कीमतों में गिरावट
- ब्रांडेड कपड़े और फैशन आइटम्स ब्रिटेन के प्रीमियम ब्रांड्स अब किफायती दर पर
- फर्नीचर, होमवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रियल और घरेलू यूज़ वाले प्रोडक्ट्स में कमी
- यूके में भारतीय ज्वेलरी सस्ती भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी को मिलेगा बड़ा एक्सेस
घरेलू कंपनियों पर क्या असर?
ब्रिटिश प्रोडक्ट्स की कीमत कम होने से
भारतीय शराब कंपनियों को कड़ी टक्कर मिल सकती है, खासकर प्रीमियम व्हिस्की मार्केट में।
स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन के CEO मार्क केंट ने कहा:
यह एक पीढ़ी में एक बार होने वाला ऐतिहासिक मौका है।
अब क्या बचा है?
भारत की कैबिनेट ने FTA को मंजूरी दे दी है अब ब्रिटिश संसद से अनुमोदन बाकी है, इसमें 6-12 महीने लग सकते हैं दोनों देशों ने
डिजिटल और रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.
पीएम मोदी की यात्रा से जुड़े कुछ अहम बिंदु
कीर स्टार्मर के PM बनने के बाद मोदी की पहली मुलाकात, किंग चार्ल्स से औपचारिक भेंट. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी डेलिगेशन का हिस्सा
ट्रेड, टेक्नोलॉजी, रक्षा और जलवायु पर सहयोग पर फोकस रहेगा.
भारत और ब्रिटेन के बीच यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट न सिर्फ कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। मोदी की यह यात्रा आर्थिक मोर्चे पर एक
"गेम चेंजर" साबित हो सकती है।
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