‘जी राम जी’ बना कानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी, जानिए मनरेगा से कितना अलग?

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‘जी राम जी’ बना कानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी, जानिए मनरेगा से कितना अलग?

‘जी राम जी’ बना कानून राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी जानिए मनरेगा से कितना अलग

VB-G RAM G Becomes Law: ‘जी राम जी’ अब कानून बन गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने VB G RAM JI बिल को मंजूरी दे दी है। उनकी सहमति मिलने के बाद VB G RAM JI बिल अब कानून बन गया है। 

बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी

बता दें कि MGNREGA का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया गया है। इसके साथ ही इस बिल में कई सुधार किए गए हैं। जैसे- अब जी राम जी योजना के तहत कामगारों को 100 की जगह 125 दिन के काम की गारंटी मिलेगी।  सरकार इस बिल को ग्रामीण जीवन को मजबूत आधार देने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है। सरकार का कहना है कि ‘वीबी-जी राम जी’ कानून लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी। ‘जी राम जी’ बना कानून

VB-G RAM G Becomes Law: योजना के लाभ

केंद्र सरकार का कहना है कि नए कानून का मकसद केवल रोजगार देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज का सशक्तिकरण करना भी है। VB G RAM JI के तहत समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि समाज के अंतिम पायदान के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार का दावा है कि यह बिल महिलाओं, कमजोर वर्गों और जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी।

मनरेगा से कितना अलग नया बिल

VB-G RAM G Becomes Law: सरकार का कहना है कि नए नियमों से MGNREGA की कमियों को दूर किया गया है। सबसे पहले तो योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन  किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाने वाले सभी कामों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में शामिल किया जाएगा। बिल में कहा गया है कि इससे ग्रामीण स्तर पर सार्वजनिक कार्यों के लिए एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्रीय फ्रेमवर्क तैयार होगा। इसी के आधार पर गांवों में कामों को लेकर तैयारियां होंगी।

दोनों सदनों में ‘VB-G RAM G बिल’ पास, TMC का पूरी रात धरना, प्रियंका बोली – प्रदुषण पर चर्चा क्यों नहीं?

 

राज्यसभा में बिल पर आधी रात तक चर्चा हुई। इससे पहले विपक्ष ने विधेयक को सेलेक्ट कमिटी को भेजने की मांग की, लेकिन मांग स्वीकार नहीं की गई। इस कारण विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

राज्यसभा में बिल पर आधी रात तक चर्चा हुई। इससे पहले विपक्ष ने विधेयक को सेलेक्ट कमिटी को भेजने की मांग की, लेकिन मांग स्वीकार नहीं की गई। इस कारण विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। पूरी खबर...

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