सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी खुलते ही बुरी तरह टूट गए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई नई चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों के सेंटीमेंट पर दिखाई दिया।
खुलते ही धड़ाम हुए सेंसेक्स और निफ्टी
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुक्रवार के 75,237 के बंद स्तर से गिरकर 74,807 पर खुला। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में यह 907 अंक टूटकर 74,330 तक पहुंच गया।वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23,643 के पिछले बंद स्तर से गिरकर 23,482 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 280 अंक से ज्यादा टूटकर 23,361 के स्तर पर पहुंच गया।विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल तनाव और महंगे क्रूड ऑयल ने बाजार में बिकवाली को बढ़ा दिया।
इन दिग्गज शेयरों में आई बड़ी गिरावट
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में
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टाटा स्टील
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पावर ग्रिड
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मारुति
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SBI
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ट्रेंट
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टाइटन
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अडानी पोर्ट्स
जैसे दिग्गज स्टॉक्स शामिल रहे। कई शेयर 2 से 4 फीसदी तक टूट गए।
US-ईरान तनाव बना सबसे बड़ा कारण
शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि “ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है।ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में नए सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। निवेशकों को डर है कि यदि हालात बिगड़े तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल
तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल मार्केट पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जबकि WTI क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। ऊंचे क्रूड ऑयल प्राइस का सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ता है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर शेयर बाजार पर दिखाई देता है।