राजधानी भोपाल के चर्चित नाबालिग दुष्कर्म और हत्या मामले में अदालत ने बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। यह मामला कोहेफिजा थाना क्षेत्र के मनुभान टेकरी इलाके का है, जहां वर्ष 2019 में 12 साल की मासूम बच्ची के साथ दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। इस जघन्य अपराध में भोपाल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।
उम्रकैद की सजा सुनाई
इस केस की सुनवाई के दौरान सीबीआई की जांच रिपोर्ट और पेश किए गए ठोस साक्ष्यों को आधार बनाया गया। जांच एजेंसी ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से पूरे मामले को मजबूती से अदालत के सामने रखा, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित हुआ। यह मामला लंबे समय तक एक ब्लाइंड मर्डर केस के रूप में जाना जाता रहा था, जिसे बाद में सीबीआई अधिकारी मुकेश शर्मा की टीम ने सुलझाया। उनकी जांच के दौरान कई अहम सुराग सामने आए, जिससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सका।
हिरासत में लेकर जेल भेज दिया
करीब सात साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। फैसले में यह भी सामने आया कि एक आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत में था, जबकि दूसरा आरोपी जमानत पर बाहर था। अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद जमानत पर बाहर आरोपी को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
आजीवन कारावास की सजा काटनी होगी
फिलहाल दोनों दोषी भोपाल जेल में बंद हैं और उन्हें आजीवन कारावास की सजा काटनी होगी। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी राहत माना जा रहा है, साथ ही यह समाज में यह संदेश देता है कि ऐसे गंभीर और जघन्य अपराधों में कानून देर से ही सही, लेकिन सख्त कार्रवाई जरूर करता है।