भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दौरान छूटे मतदाताओं के नामों की जांच का काम शुरू हो गया है। भोपाल के करीब 3.88 लाख नामों की जांच के लिए बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO मैदान में उतर गए हैं। इसके साथ ही 8 और 9 अक्टूबर को दो दिन विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में ऐसे मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाएगी, जिनके नाम SIR की प्रक्रिया के दौरान सूची से बाहर हो गए थे। भोपाल की सभी सात विधानसभा सीटों बैरसिया, हुजूर, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और नरेला में शिविर लगाए जा रहे हैं।
SIR के बाद 21.25 लाख से घटकर 16.87 लाख हुए वोटर
करीब 11 महीने पहले भोपाल में SIR को लेकर प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस समय जिले में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता दर्ज थे। SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 16.87 लाख रह गई। जांच के दौरान करीब 3.88 लाख नाम ऐसे सामने आए हैं, जिनकी स्थिति को दोबारा सत्यापित किया जा रहा है। इनमें 1 लाख 1503 अनुपस्थित मतदाता और 2 लाख 86 हजार 661 स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं। अब BLO इन नामों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटा रहे हैं।
जांच में पात्र मिले तो दोबारा जुड़ सकता है नाम
अधिकारियों के अनुसार मतदाता सूची में ऐसे नाम भी सामने आए थे, जिनमें कुछ लोगों की मृत्यु हो चुकी थी, कुछ के नाम दो जगह दर्ज थे और कुछ लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए थे। वहीं ऐसे मतदाता भी हैं जो पते पर नहीं मिले थे, लेकिन वास्तव में भोपाल के निवासी हैं और मतदान करते हैं। जांच के दौरान यदि कोई मतदाता पात्र और वास्तविक पाया जाता है तो उसका नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसके लिए लोगों को शिविर में पहुंचकर अपनी जानकारी सत्यापित कराने का मौका दिया जा रहा है।
8 और 9 अक्टूबर को विशेष शिविर
भोपाल में 8 और 9 अक्टूबर को विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 7 अक्टूबर को भी इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी जानकारी की जांच कराई। गुरुवार और शुक्रवार को भी मतदाता इन शिविरों में पहुंचकर अपने नाम से जुड़ी जानकारी की जांच करा सकते हैं। इसके अलावा पात्र लोग ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर न रहें और अपात्र नामों की भी पहचान हो सके।
18 साल होने वाले युवाओं के लिए आसान प्रक्रिया
1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए एडवांस में फॉर्म-6 भरवाया जा रहा है। खास बात यह है कि युवाओं के लिए डिक्लेरेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान होगी और पात्र युवाओं को समय रहते मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा।
SSDR सूचियों की होगी कड़ाई से समीक्षा
मतदाता सूची में अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और दोहराए गए डेटा की दोबारा समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी वास्तविक और पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। BLO द्वारा तैयार की गई सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA के साथ भी साझा किया जाएगा।
नाइट शेल्टर और मजदूर बस्तियों में भी कैंप
मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं। नाइट शेल्टर, मजदूर बस्तियों और बेघर लोगों के लिए इन कैंपों के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को भी मतदाता सूची से जोड़ना है, जो नियमित पते पर उपलब्ध नहीं रहते। प्रशासन की इस प्रक्रिया से एक तरफ सूची में पारदर्शिता बढ़ाने और दूसरी तरफ पात्र मतदाताओं को उनका मतदान अधिकार सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।