हैदरगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का ढहता ढांचा, घर में प्रसव के बाद डायल 112 बनी मददगार

स्वास्थ्य विभाग की बदहाली

हैदरगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का ढहता ढांचा, घर में प्रसव के बाद डायल 112 बनी मददगार

ग्यारसपुर में एंबुलेंस की अनुपस्थिति में महिला को घर पर ही बच्चे का जन्म देना पड़ा, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कमियां सामने आईं।

हैदरगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का ढहता ढांचा घर में प्रसव के बाद डायल 112 बनी मददगार

स्वास्थ्य विभाग की बदहाली |

हैदरगढ़ के ग्यारसपुर के कोलुआ जागीर में शुक्रवार देर रात स्वास्थ्य विभाग की बदहाली फिर उजागर हुई। 24 वर्षीय नेहा पत्नी शिवशंकर शाक्य को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर घर में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस को रात 12 बजे से लगातार कॉल करने के बावजूद कोई वाहन मौके पर नहीं पहुंचा।

112 से मांगी मदद

पति शिवशंकर शाक्य ने बताया कि पत्नी की हालत बिगड़ती देख आखिरकार मजबूर होकर डायल 112 पर मदद मांगी। सूचना मिलते ही स उ नि घनश्याम शास्ता, आरक्षक रूपेश कुर्मी और पायलट आशीष यादव तत्काल गांव पहुंचे और जच्चा-बच्चा को पीएचसी हैदरगढ़ में भर्ती कराया। समय पर पुलिस न पहुंचती तो जान पर बन आती।

पीड़िता का पति

सिर्फ एंबुलेंस नहीं, अस्पताल भी बीमार 

यह अकेली घटना नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि हैदरगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र 84 गांवों का भार संभालता है, लेकिन महीनों से वहां एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। कंपाउंडर और नर्स के भरोसे चल रहे केंद्र में न जांच की सुविधा है न आपातकालीन इलाज की। छोटी-मोटी बीमारी में भी मरीजों को 25किमी दूर ग्यारसपु या फिर जिला अस्पताल विदिशा भागना पड़ता है।

कागजों में दौड़ती हैं योजनाएं 

जननी सुरक्षा योजना, जननी एक्सप्रेस और 108 सेवा के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत में दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है कि करोड़ों का बजट कहां खर्च हो रहा है जब प्रसव के समय एक एंबुलेंस तक नसीब नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठाते और BMO का कहना है कि "स्टाफ की कमी है"।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग 

ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल डॉक्टर की पदस्थापना और जननी एक्सप्रेस की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

संबंधित सामग्री

MP में पहली बार डेंगू नियंत्रण के लिए AI मॉडल लागू, मरीजों को पहले ही मिलेगी खतरे की चेतावनी

राज्य

MP में पहली बार डेंगू नियंत्रण के लिए AI मॉडल लागू, मरीजों को पहले ही मिलेगी खतरे की चेतावनी

मध्यप्रदेश में डेंगू नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली लागू की गई, जो प्रभावित क्षेत्रों की जल्द पहचान कर सकेगी।

भोपाल एम्स की बड़ी लापरवाही, लाश के लिए बना इंजेक्शन बच्चे को लगाया, मौत

राज्य

भोपाल एम्स की बड़ी लापरवाही, लाश के लिए बना इंजेक्शन बच्चे को लगाया, मौत

भोपाल एम्स में 3 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे को गलती से फॉर्मेलिन इंजेक्ट किया गया, जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में दो नर्सिंग ऑफिसरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

दुर्ग भिलाई में मृत आदमी हुआ जिंदा, वीडियो आया सामने!

राज्य

दुर्ग भिलाई में मृत आदमी हुआ जिंदा, वीडियो आया सामने!

दुर्ग भिलाई में एक युवक को मृत घोषित करने के बाद अचानक शरीर में हलचल दिखने पर परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

इंदौर में दो साल की बच्ची की मौत की जांच, परिवार ने लगाया आरोप

राज्य

इंदौर में दो साल की बच्ची की मौत की जांच, परिवार ने लगाया आरोप

मध्य प्रदेश के इंदौर में दो साल की बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। शव का पोस्टमार्टम दोबारा कराया गया।

ट्विशा शर्मा मौत केस: 2 दिन तक फंदे को कार में लेकर घूमता रहा पुलिसकर्मी

राज्य

ट्विशा शर्मा मौत केस: 2 दिन तक फंदे को कार में लेकर घूमता रहा पुलिसकर्मी

ट्विशा शर्मा की मौत की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक पुलिसकर्मी ने महत्वपूर्ण सबूत को अपनी कार में दो दिन तक रखा।