मध्यप्रदेश सरकार का नया मिड-साइज जेट Bombardier Challenger 3500 जल्द ही भारत पहुंचने वाला है। विमान 26 या 27 सितंबर को कनाडा के टोरंटो से भारत के लिए उड़ान भर सकता है। इसके 30 सितंबर तक भोपाल के राजा भोज विमानतल पहुंचने की संभावना है। विमानन विभाग के अनुसार, कंपनी ने विमान के हैंडओवर और क्वालिटी वेरिफिकेशन के लिए 22 से 26 सितंबर तक का शेड्यूल तय किया है। इस दौरान मध्यप्रदेश के पायलट और तकनीकी टीम विमान की जांच करने के साथ इसके ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझेगी।
6300 किमी की अधिकतम रेंज
Bombardier Challenger 3500 की अधिकतम रेंज करीब 6300 किलोमीटर बताई गई है। टोरंटो से भारत की दूरी करीब 11,500 किलोमीटर होने के कारण विमान को इस यात्रा के दौरान कम से कम एक तकनीकी स्टॉप लेना होगा। संभावित तकनीकी स्टॉप लंदन या फ्रैंकफर्ट में हो सकता है। रेंज को देखते हुए टोरंटो से भारत तक नॉन-स्टॉप उड़ान संभव नहीं होगी।
पायलट और तकनीकी टीम करेगी परीक्षण
डिलीवरी से पहले मध्यप्रदेश की पायलट और तकनीकी टीम विमान का परीक्षण करेगी। टीम विमान के सिस्टम, ऑपरेशन और मेंटेनेंस प्रक्रिया को समझेगी। कंपनी की ओर से हैंडओवर और क्वालिटी वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही विमान भारत के लिए रवाना होगा।
भारत पहुंचने पर कस्टम्स क्लियरेंस
विमान के भारत पहुंचने के बाद सबसे पहले कस्टम्स क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए संबंधित एयरपोर्ट पर केंद्रीय सीमा शुल्क विभाग के सामने आयात दस्तावेज, बिल ऑफ एंट्री और डीजीएफटी का इंपोर्ट लाइसेंस प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद विमान को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA के तहत भारतीय रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
DGCA देगा भारतीय रजिस्ट्रेशन
डिलीवरी के समय विमान अस्थायी फ्री-फ्लाइट यानी फेरी कॉल साइन के तहत भारत लाया जाएगा। भारत पहुंचने के बाद विमान से जुड़े जरूरी दस्तावेज DGCA को सौंपे जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर विमान को भारतीय राष्ट्रीयता कोड VT के तहत आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नंबर आवंटित किया जाएगा।